नव संवत्सर की पूर्व संध्या पर सुंदरकांड का महा आयोजन

नव संवत के आगमन पर राधा पुरी की महिलाओं ने सुंदरकांड का भव्य आयोजन किया। इसका प्रारंभ एक साथ 51 महिलाओं द्वारा सुंदरकांड का पाठ करने के साथ हुआ। बाद में महिला भक्तों की संख्या बढ़ती गई सबके हृदय में भक्ति के भाव हिलोरें ले रहे थे। शुरू में डॉक्टर रानी कमलेश अग्रवाल डॉक्टर पूनम पाठक , मधु ,उर्मिल ,राखी ,सुनीता भगत, भारती, प्रभा , निशा , रेनू , संतोष, अंजू ,लक्ष्मी शर्मा , मीना, दीपाली , नेहा , संगीता , कविता कुसुम सरिता, साक्षी ,रेखा, गीता अंकिता ,बीना ,मीरा, नीनू ,नीलम, स्वाति, अंजलि मिथिलेश, उषा, कुमकुम, अंशु , सीमा, मेघा , शामिल थीं । इन्होंने संगीत के साथ सुंदरकांड का पाठ किया। सुंदरकांड का पाठ पूर्ण होने के बाद राम के नाम का उच्चारण किया गया। भक्त महिलाओं ने भजन सुनाए। डॉ रानी कमलेश ने संवत्सर का स्वागत करते हुए अपनी कविता का पाठ किया , ” नव संवत्सर का अभिनंदन भारत माता का पदवन्दन, नूतन आशा के पुष्प खिलें, महके धरती की रज चंदन नव संवत्सर का अभिनंदन ।” डॉ पूनम पाठक , उषा शर्मा, लक्ष्मी शर्मा ने सुनाया मेरी झोपड़ी के भाग आज जग जाएंगे राम आएंगे । भारती प्रभा निशा ने सुनाया राम मेरे घर आए । अंजू संगीता कविता ने सुनाया तू ना संभाले तो हमें कौन संभाले। नव संवत्सर का सारा वातावरण भक्ति मय हो गया। अनेक महिलाओं ने कहा कि यही हमारा नव वर्ष है इसलिए हमें इसको उत्साह से मनाना चाहिए। भगवान राम की आरती और प्रसाद वितरण के साथ नव संवत्सर के इस आयोजन का समापन हुआ

Exit mobile version