दीवार पर लिखे “श्रीराधा लाडो”नाम को मिटाने का प्रयास, पुलिस चौकी में लोगों ने किया भारी हंगामा

हापुड़: दीवार पर लिखे “श्रीराधा लाडो”नाम को मिटाने का प्रयास, पुलिस चौकी में दो पक्षों के बीच भारी हंगामा
हापुड़।
थाना हापुड़ क्षेत्र के मेरठ गेट पुलिस चौकी के पास रविवार को एक धार्मिक प्रतीक चिह्न को मिटाने के प्रयास को लेकर भारी बवाल खड़ा हो गया। घटना के बाद पुलिस चौकी परिसर में ही दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए और जमकर हंगामा हुआ। तनाव को देखते हुए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, मेरठ गेट पुलिस चौकी के समीप स्थित एक हिंदू दुकानदार की दीवार पर एक धार्मिक संस्था द्वारा आस्था और प्रचार-प्रसार के लिए ‘श्री राधा रानी लाडो’ का पवित्र नाम (धार्मिक लोगो) लिखवाया गया था।
आरोप है कि इस दीवार के ठीक बगल में काफी समय से जूस का ठेला लगाने वाले दूसरे समुदाय के एक युवक ने रविवार को ‘श्री राधा रानी’ के नाम पर सफेद पेंट (व्हाइटनर) फेरकर उसे मिटाने का प्रयास किया। जैसे ही स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों को इसकी भनक लगी, क्षेत्र में आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए।
तनाव बढ़ता देख दोबारा लिखवाया नाम:
स्थानीय निवासियों के अनुसार, जब मामला बढ़ने लगा और पुलिस कार्रवाई का डर सताया, तो आरोपी पक्ष ने आनन-फानन में सफेद पेंट के ऊपर दोबारा ‘श्री राधा रानी’ का नाम लिखवा दिया। दीवार पर इसके साक्ष्य साफ तौर पर देखे जा सकते हैं।
पुलिस चौकी परिसर में तीखी नोकझोंक
धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर जब लोग मेरठ गेट पुलिस चौकी पहुंचे, तो वहां स्थिति और संवेदनशील हो गई। इसी दौरान दूसरा पक्ष भी वहां आ धमका। पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में ही दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और नोकझोंक शुरू हो गई, जिससे परिसर का माहौल काफी गरमा गया।
अवैध अतिक्रमण हटाने की उठी मांग
शिकायत दर्ज कराने पहुंचे नागरिकों ने पुलिस प्रशासन के समक्ष सुरक्षा और व्यवस्था का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। लोगों का कहना है कि:
पुलिस चौकी के ठीक सामने मुख्य सड़क पर सरेआम अवैध रूप से जूस का ठेला लगाया जाता है।
इस अतिक्रमण के कारण सड़क पर हमेशा भीड़भाड़ रहती है और विवाद की स्थिति बनी रहती है।
नागरिकों की चेतावनी:
स्थानीय समाज और संगठनों ने दोटूक शब्दों में कहा है कि यदि पुलिस प्रशासन ने इस कृत्य के जिम्मेदार आरोपी के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई नहीं की और सड़क से अवैध अतिक्रमण नहीं हटाया, तो वे उग्र आंदोलन और आगे की रणनीति तय करने के लिए मजबूर होंगे। फिलहाल पुलिस मामले को शांत कराने और विधिक कार्रवाई में जुटी है।











