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डाटा में गड़बड़ी पर गोल्डन कार्ड से वंचित पात्रों ने किया हंगामा

गांव शाहपुर जट्ट में गोल्डन कार्ड नही मिलने पर विरोध करते ग्रामीण।
– फोटो : HAPUR

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डाटा में गड़बड़ी पर गोल्डन कार्ड से वंचित पात्रों ने किया हंगामा
हापुड़। प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना में पात्रों के नामों की गलत फीडिंग से हजारों पात्र गोल्डन कार्ड से वंचित हो गए हैं। शासन से आई सूची में उनके नाम सही दर्ज हैं, जबकि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के कंप्यूटर में नाम गलत हैं। मिलान सही नहीं होने के कारण पात्रों को कार्ड नहीं मिल रहे हैं। शनिवार को श्यामपुर जट्ट के ग्रामीणों ने हंगामा भी किया तथा डीएम से शिकायत करने का निर्णय लिया।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना के तहत केंद्र सरकार से वर्ष 2011 की आर्थिक जनगणना के आधार पर बनी पात्रता सूची जिले को मिली थी। इसमें करीब 50 हजार परिवारों के ढाई लाख लोगों को योजना में शामिल किया गया था। इस योजना में पात्रों को अस्पतालों में पांच लाख रुपये तक का निशुल्क उपचार मिलना है। लेकिन अभी तक महज 40 फीसदी गोल्डन कार्ड ही मुहैया कराए जा सके हैं। उपचार पाने वालों की संख्या भी महज 3500 मरीजों की है।
इस पर गंभीरता दिखाते हुए शासन ने 24 मार्च तक विशेष अभियान चलाकर समस्त पात्रों को कार्ड मुहैया कराने के आदेश हुए हैं। शनिवार को गांव श्यामपुर जट्ट में कैंप लगाया गया। इस कैंप में अनेकों पात्र परिवार पहुंचे, जिनके शासन से जारी सूची में नाम मौजूद थे।
लेकिन स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के सिस्टम में जो नाम थे वह गलत दर्ज किए गए थे। पात्रों द्वारा प्रधानमंत्री की पाती भी उन्हें दिखाई गई, लेकिन वह अपने सिस्टम में दर्ज नामों के आधार पर ही सत्यता मापने पर अड़े रहे। ऐसे में बहुत से लोगों को पात्र होने के बावजूद कार्ड नहीं दिए गए। कई अन्य गांवों में इस तरह की समस्या रही।
इस समस्या का श्यामपुर जट्ट के ग्रामीणों ने विरोध शुरू किया तो कर्मचारी उच्चाधिकारियों से शिकायत करने की बात कहने लगे।
योजना के पात्र वेदप्रकाश, महेश चंद, ब्रह्म सिंह, नाथू, मंजीत, ब्रह्मापाल, ओमेंद्र आदि ने बताया कि उनके परिवार के सदस्यों के नाम योजना में आए थे। लेकिन अधिकांश परिजनों के नाम सिस्टम में गलत दर्ज किए हुए थे, जिसके चलते उन्हें गोल्डन कार्ड नहीं दिए गए। ऐसे ही गांवों में दर्जनों परिवार शामिल हैं। इस मामले में ग्रामीणों ने डीएम से शिकायत की बात कही है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रेखा शर्मा ने बताया कि जिन पात्रों के साथ इस तरह की परेशानी है। उनके नामों की सूची शासन को भेजी जाएगी। वहीं से संशोधन होने के बाद इन लोगों को गोल्डन कार्ड मुहैया कराए जाएंगे।



डाटा में गड़बड़ी पर गोल्डन कार्ड से वंचित पात्रों ने किया हंगामा



हापुड़। प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना में पात्रों के नामों की गलत फीडिंग से हजारों पात्र गोल्डन कार्ड से वंचित हो गए हैं। शासन से आई सूची में उनके नाम सही दर्ज हैं, जबकि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के कंप्यूटर में नाम गलत हैं। मिलान सही नहीं होने के कारण पात्रों को कार्ड नहीं मिल रहे हैं। शनिवार को श्यामपुर जट्ट के ग्रामीणों ने हंगामा भी किया तथा डीएम से शिकायत करने का निर्णय लिया।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना के तहत केंद्र सरकार से वर्ष 2011 की आर्थिक जनगणना के आधार पर बनी पात्रता सूची जिले को मिली थी। इसमें करीब 50 हजार परिवारों के ढाई लाख लोगों को योजना में शामिल किया गया था। इस योजना में पात्रों को अस्पतालों में पांच लाख रुपये तक का निशुल्क उपचार मिलना है। लेकिन अभी तक महज 40 फीसदी गोल्डन कार्ड ही मुहैया कराए जा सके हैं। उपचार पाने वालों की संख्या भी महज 3500 मरीजों की है।



इस पर गंभीरता दिखाते हुए शासन ने 24 मार्च तक विशेष अभियान चलाकर समस्त पात्रों को कार्ड मुहैया कराने के आदेश हुए हैं। शनिवार को गांव श्यामपुर जट्ट में कैंप लगाया गया। इस कैंप में अनेकों पात्र परिवार पहुंचे, जिनके शासन से जारी सूची में नाम मौजूद थे।

लेकिन स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के सिस्टम में जो नाम थे वह गलत दर्ज किए गए थे। पात्रों द्वारा प्रधानमंत्री की पाती भी उन्हें दिखाई गई, लेकिन वह अपने सिस्टम में दर्ज नामों के आधार पर ही सत्यता मापने पर अड़े रहे। ऐसे में बहुत से लोगों को पात्र होने के बावजूद कार्ड नहीं दिए गए। कई अन्य गांवों में इस तरह की समस्या रही।

इस समस्या का श्यामपुर जट्ट के ग्रामीणों ने विरोध शुरू किया तो कर्मचारी उच्चाधिकारियों से शिकायत करने की बात कहने लगे।

योजना के पात्र वेदप्रकाश, महेश चंद, ब्रह्म सिंह, नाथू, मंजीत, ब्रह्मापाल, ओमेंद्र आदि ने बताया कि उनके परिवार के सदस्यों के नाम योजना में आए थे। लेकिन अधिकांश परिजनों के नाम सिस्टम में गलत दर्ज किए हुए थे, जिसके चलते उन्हें गोल्डन कार्ड नहीं दिए गए। ऐसे ही गांवों में दर्जनों परिवार शामिल हैं। इस मामले में ग्रामीणों ने डीएम से शिकायत की बात कही है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रेखा शर्मा ने बताया कि जिन पात्रों के साथ इस तरह की परेशानी है। उनके नामों की सूची शासन को भेजी जाएगी। वहीं से संशोधन होने के बाद इन लोगों को गोल्डन कार्ड मुहैया कराए जाएंगे।



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