HPDA की 71वीं-72वीं बोर्ड मीटिंग में ओपी-1 डी ब्लॉक के सब डिवीजन पर उठे सवाल, अधिवक्ता ने जांच की मांग की

HPDA की 71वीं-72वीं बोर्ड मीटिंग में ओपी-1 डी ब्लॉक के सब डिवीजन पर उठे सवाल, अधिवक्ता ने जांच की मांग की
हापुड़। हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण की 71वीं और 72वीं बोर्ड मीटिंग में वीसी कोठी के सामने स्थित ओपी-1 डी ब्लॉक के सब डिवीजन को पास किए जाने के मामले में अधिवक्ता ने गंभीर सवाल उठाए हैं।
ज्ञानलोक निवासी अधिवक्ता सतीश कुमार मित्तल ने उपाध्यक्ष HPDA को पत्र भेजकर पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। पत्र में उन्होंने कहा है कि कार्यालय द्वारा बताया गया है कि आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण उक्त सब डिवीजन का प्रस्ताव पास किया गया।
मित्तल ने सवाल किया कि आर्थिक स्थिति का आकलन किस आधार पर किया गया। क्या बीपी कंस्ट्रक्शन की बैलेंसशीट और आईटीआर देखी गई। बैनामा होल्डर की स्थिति का आकलन बोरो किस आधार पर किया गया। प्राधिकरण का इससे क्या लेना-देना है।
आरोप है कि उक्त भूमि पर बनी बिल्डिंग का नक्शा पास नहीं है। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। साथ ही प्लाट में पार्क की जमीन भी बेच दी गई। आरोप है कि बिना रेरा रजिस्ट्रेशन के ओपी-1 में प्लाट बेचे गए और उनकी रजिस्ट्री भी हो गई। कार की भूमि में दो दुकान बनाकर उनकी रजिस्ट्री करा दी गई।
अधिवक्ता ने कहा है कि प्लाट का सब डिवीजन किस आधार पर किया गया, इसकी भी जांच होनी चाहिए।
सतीश मित्तल ने प्रार्थना की है कि इस पूरे प्रकरण की जांच किसी उच्च अधिकारी से कराकर उचित कार्रवाई की जाए, ताकि सही तथ्य सामने आ सकें।
पत्र 14 जुलाई 2026 को HPDA उपाध्यक्ष को दिया गया है।











