हत्या के मामले में दोषी ठहराए जाने पर हापुड़ में तैनात खाद्य विभाग का कनिष्ठ सहायक बर्खास्त, वसूली की भी तैयारी

हत्या के मामले में दोषी ठहराए जाने पर हापुड़ में तैनात खाद्य विभाग का कनिष्ठ सहायक बर्खास्त, वसूली की भी तैयारी
हापुड़। हत्या के मामले में न्यायालय से दोषी सिद्ध होने पर जिला खाद्य विपणन अधिकारी कार्यालय हापुड़ में तैनात कनिष्ठ सहायक राजेश तोमर को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है। मेरठ मंडल के संभागीय खाद्य नियंत्रक ने यह आदेश जारी किया है। विभाग अब राजेश तोमर से सरकारी धन की वसूली की प्रक्रिया भी शुरू करेगा।
2008 से लंबित था मामला
संभागीय खाद्य नियंत्रक संजय कुमार मीणा के आदेश के अनुसार राजेश तोमर मूल रूप से मेरठ के न्यू नेहरू नगर, फूलबाग कॉलोनी का निवासी है और हापुड़ में तैनात था।
वर्ष 2008 में वह बिना स्वीकृत अवकाश के ड्यूटी से अनुपस्थित था। इसी दौरान पुलिस ने उसे हत्या के एक मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। गिरफ्तारी के बाद विभाग ने उसे निलंबित कर दिया और विभागीय जांच शुरू की। जांच में आरोप सही पाए गए।
मामला न्यायालय में लंबित होने के कारण विभागीय कार्रवाई रोक दी गई थी। शर्तों के आधार पर राजेश तोमर को 2022 में सेवा में बहाल कर दिया गया, लेकिन विभागीय कार्रवाई जारी रही।
आजीवन कारावास की सजा के बाद बर्खास्तगी
वर्ष 2024 में जिला खाद्य विपणन अधिकारी हापुड़ ने उच्च अधिकारियों को बताया कि राजेश तोमर एक बार फिर बिना सूचना के अनुपस्थित है। इसी बीच जानकारी मिली कि मेरठ के विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) की अदालत ने 23 जुलाई 2024 को हत्या के मामले में उसे दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
आदेश में कहा गया है कि हत्या जैसा गंभीर अपराध “नैतिक अधमता” की श्रेणी में आता है। ऐसे व्यक्ति को सरकारी सेवा में रखना लोकहित और प्रशासनिक शुचिता के खिलाफ है। इसी आधार पर संभागीय खाद्य नियंत्रक ने उसे सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी किया।
अब विभाग निलंबन अवधि और अन्य मदों में दिए गए वेतन-भत्तों की वसूली की कार्रवाई भी करेगा।















