ए.आई. और आई.सी.टी पर अमित कुमार शर्मा का प्रभावशाली प्रशिक्षण, 70 शिक्षकों ने सीखे आधुनिक शिक्षण के गुर

ए.आई. और आई.सी.टी पर अमित कुमार शर्मा का प्रभावशाली प्रशिक्षण, 70 शिक्षकों ने सीखे आधुनिक शिक्षण के गुर
गाजियाबाद। *महार्षि दयानन्द विद्यापीठ इंटरमीडिएट कॉलेज, गाजियाबाद में आयोजित फैकल्टी डेवलपमेंट वर्कशॉप में* राजकीय इंटर कॉलेज अनूपपुर डिबाई, जनपद हापुड़ के सहायक अध्यापक (विज्ञान/गणित) *अमित कुमार शर्मा ने रिसोर्स पर्सन के रूप में शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण तकनीकों का प्रशिक्षण प्रदान किया।*
लगभग 70 शिक्षकों की सहभागिता* वाली इस कार्यशाला का *विषय “21वीं सदी का शिक्षक* :
*”कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित उपकरण, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) का एकीकरण तथा नवाचारी शिक्षण पद्धतियाँ”*
रहा। अपने प्रभावशाली एवं संवादात्मक प्रस्तुतीकरण में अमित कुमार शर्मा ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), चैट जी. पी. टी. (Chat GPT) , डिजिटल शिक्षण संसाधनों, स्मार्ट कक्षा शिक्षण, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप नवाचारी शिक्षण पद्धतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यशाला के दौरान शिक्षकों ने ए.आई. आधारित शिक्षण उपकरणों और आईसीटी के व्यावहारिक उपयोग में विशेष रुचि दिखाई। प्रतिभागी शिक्षकों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी, समसामयिक एवं प्रेरणादायी बताया। अमित कुमार शर्मा द्वारा दिए गए व्यावहारिक उदाहरणों और लाइव डेमो ने शिक्षकों को डिजिटल तकनीकों को अपने शिक्षण कार्य में शामिल करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में *कॉलेज की प्रधानाचार्या डॉ. सीमा सेठी तथा संस्थान के अध्यक्ष एवं पूर्व बेसिक शिक्षा मंत्री श्री बलेश्वर त्यागी ने अमित कुमार शर्मा के उत्कृष्ट प्रशिक्षण एवं योगदान की भूरि-भूरि प्रशंसा की तथा उन्हें प्रशंसा-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।* उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षकों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने के लिए इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम अत्यंत आवश्यक हैं।
उल्लेखनीय है कि अमित कुमार शर्मा उत्तर प्रदेश राज्य अध्यापक पुरस्कार-2025 के लिए चयनित शिक्षक हैं। वर्तमान में वे जनपद हापुड़ में एस.आर.जी. (स्टेट रिसोर्स ग्रुप) नोडल के रूप में कार्यरत हैं तथा विभिन्न विभागीय योजनाओं एवं शैक्षिक कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वे डिजिटल शिक्षा, नवाचार आधारित शिक्षण, शिक्षक प्रशिक्षण, खान अकादमी कार्यक्रमों तथा सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) के प्रभावी उपयोग के क्षेत्र में सक्रिय योगदान दे रहे हैं। उनके द्वारा समय-समय पर शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संचालन किया जाता है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता एवं डिजिटल दक्षता को बढ़ावा मिल रहा है।











