जंगल में फिर दिखाई दिया तेंदुआ, ग्रामीणों में दहशत, वन विभाग ने चलाया सर्च आपरेशन

हापुड़ (यर्थाथ अग्रवाल मुन्ना)।
थाना सिम्भावली क्षेत्र के एक गांव के जंगल में ग्रामीणों ने दो तीन दिन से तेंदुआ दिखाई दिए जाने का दावा करते हुए वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग ने सर्च आपरेशन शुरू किया है।
जानकारी के अनुसार गढ़मुक्तेश्वर तहसील क्षेत्र में वन सेंचुरी व हस्तिनापुर सेंचुरी क्षेत्र होने के कारण क्षेत्र के बहादुरगढ़, गढ़मुक्तेश्वर, सिम्भावली व आसपास के क्षेत्रों में तेंदुआ दिखाई दिए जाने का ग्रामीणों द्वारा दावा किया जाता है, जिसकी वीडियो कई बार सोशल मीडिया पर वायरल हुई है। जिसमें वन विभाग ने जाल के माध्यम से दो तीन तेंदुए पकड़ने में सफलता भी मिल चुकी है, उसके बावजूद भी क्षेत्र में तेंदुए का आंतक रूकने का नाम ही नहीं ले रहा है।
सिम्भावली क्षेत्र में दो दिन पूर्वगांव धनपुरा निवासी मयंक अपने चचेरे भाई विवेक के साथ हापुड़ से गांव लौट रहे थे। इस दौरान गांव के निकट नहर की तरफ से उन्हें तेंदुआ सड़क पार करता दिखाई दिया। सूचना के बाद वन विभाग की टीम ने नहर पटरी और आसपास के जंगल, खेतों में तलाश अभियान चलाया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। तेंदुए के न पकड़े जाने से धनपुरा और आसपास के गांवों के लोगों में दहशत का माहौल है। किसान खेतों पर जाने से डर रहे हैं। गांव में दहशत का माहौल बन गया। जिसके बाद महिलाओं और बच्चों को घरों के भीतर रहने की सलाह दी गई।
ग्रामीणों ने बताया कि एक साल में तेंदुए क्षेत्र के गांव बुकलाना, नवादा, औरंगाबाद, किसान डिग्री कॉलेज के खेतों के निकट, सिंभावली डिस्टलरी परिसर के पास के अलावा अन्य कई गांवों में दिख चुके हैं।वहीं, ग्रामीण अपने पशुओं की रखवाली करने के लिए जागने को मजबूर हैं।
इलाके में बना हुआ है डर का माहौलतेंदुए की सूचना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में चिंता का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले भी आसपास के इलाकों में जंगली जानवर देखे जाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
वन विभाग के कर्मचारी इलाके में तेंदुए के पैरों के निशान और अन्य साक्ष्यों की तलाश कर रहे हैं, ताकि उसकी मौजूदगी की पुष्टि की जा सके।
पैरों के निशान और मूवमेंट तलाश रही टीमवन विभाग के दरोगा गौरव कुमार अपनी टीम के साथ पूरे इलाके में सर्च अभियान चला रहे हैं। टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि तेंदुआ किस दिशा में गया और वह अभी आसपास के इलाके में मौजूद है या नहीं। इसके लिए जंगल के रास्तों, खेतों और आसपास के बागों में भी निरीक्षण किया जा रहा है।
वन रक्षक गौरव गर्ग ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि ग्रामीण घबराएं नहीं । वन विभाग ने क्षेत्र में कांबिंग ऑपरेशन शुरू कर दिया है।
वन क्षेत्राधिकारी करन सिंह का कहना है कि क्षेत्र में तेंदुए को पकड़ने के लिए विभागीय टीम कांबिंग कर रही है।आवश्यकता होने पर उच्चाधिकारियों के निर्देश पर पिंजरा भी लगवाया जाएगा।
वन सेंचुरी के कारण भटक कर नहर किनारे आ जाते हैं तेंदुए- वन अधिकारी
वन क्षेत्राधिकारी करन सिंह ने बताया कि हस्तिनापुर सेंचुरी क्षेत्र होने के कारण आसपास के क्षेत्र में नहर किनारे भटक कर तेंदुए अक्सर आ जाते हैं , जिनसे बचने के लिए समय समय पर लोगों को जागरूक किया जाता है तथा उन्हें पकड़ने के लिए सर्च अभियान चलाया जाता है।
इससे पूर्व भी क्षेत्र में दिखाई दिए तेंदुए
10 मार्च को सिम्भावली क्षेत्र के गांव खुडालिया में ग्रामीणों ने खेतों के पास एक तेंदुए को घूमते हुए देखा
17 मार्च को थाना बाबूगढ़ क्षेत्र के एक गांव में कार सवार युवकों को देर रात तेंदुए दिखाई दिया। जिसकी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
दिसम्बर में गढ़मुक्तेश्वर व बहादुरगढ़ क्षेत्र के विभिन्न गांवों में तेंदुआ दिखाई दिया
थाना हापुड़ देहात क्षेत्र के श्यामपुर जट्ट गांव में दो तेंदुओं का जोड़ा देखने का दावा किया किसानों ने











