सरधना में बड़ा हादसा, स्कूल की छत तोड़ते समय लिंटर गिरा; मजदूर की मौत- दूसरा गंभीर

सरधना में बड़ा हादसा, स्कूल की छत तोड़ते समय लिंटर गिरा; मजदूर की मौत- दूसरा गंभीर

सरधना 

सरूरपुर थाना क्षेत्र के भूनी गांव में प्राथमिक विद्यालय के जर्जर छत टूटकर नीचे गिर गई। जिसमें दो मजदूर दब गए। इस पर आसपास के ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर दोनों मजदूरों को निकाला और सरधना के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया। जहां चिकित्सकों ने दोनों को मेरठ रेफर कर दिया। इस दौरान बीच रास्ते में एक मजदूर की मौत हो गई। वहीं, दूसरे की हालत गंभीर बताई गई

लिंटर तोड़ते हुए हादसा

भूनी गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय के जर्जर भवन की एक सप्ताह पूर्व बीआरसी कार्यालय में नीलामी हुई थी। जिसे भूनी गांव निवासी शुभम पुत्र प्रमोद त्यागी ने एक लाख 48 हजार रुपये में जर्जर भवन को लिया था। इसके बाद शुभम ने गांव के ही 19 वर्षीय नितिन पुत्र धर्मेंद्र व 15 वर्षीय आशु पुत्र चमन को ठेके पर दे दिया था।

गुरुवार को नितिन व आशु जर्जर भवन का लिंटर तोड़ रहे थे। शाम को छत अचानक गिर गई। जिसमें दोनों दब गए। तभी तेज आवाज होने पर आसपास के ग्रामीण भी पहुंच गए और भीड़ जुटनी शुरू हो गई। इसके बाद दोनों को कैसे-तैसे कर मलबे से निकाला और सरधना के हिमालय अस्पताल में ले गए। जहां से उन्हे मेरठ रेफर कर दिया गया। लेकिन, बीच रास्ते में ही नितिन ने दम तोड़ दिया। वहीं, आशु की हालत गंभीर है।

गेट पर ताला की जगह लगी हथकड़ी

हादसे के कुछ समय बाद किसी ने प्राथमिक विद्यालय के गेट पर ताले की जगह हथकड़ी लगा दी। जो ग्रामीणों में चर्चा का विषय बन गया। क्योंकि उस समय तक भी पुलिस मौके पर नहीं पहुंची थी। ऐसे में ग्रामीणों का कहना है कि अगर गेट पर ही ताले की जगह हथकड़ी लगेगी तो जर्जर स्कूल के सामने से आने जाने वाले बच्चे क्या सिखेंगें।

हथौड़ा लगते ही ताश के पत्तों की तरह गिरा लिंटर

भूनी गांव में लिंटर टूटते ही धमाके की आवाज होने पर आसपास के ग्रामीण सहम गए। ग्रामीणों ने बताया कि एक मिनट के लिए तो कुछ समय नहीं आ रहा था। क्योंकि धूल बहुत उड़ रही थी। पहले यह भी लगा शायद किसी बच्चे ने पटाखा फोड़ा हो। लेकिन, जब चिखने-चिल्लाने की आवाज आई। इस पर उन्होंने जिसे जो मिला। उससे ही मलबा हटाना शुरू कर दिया। बताया कि प्राथमिक विद्यालय की बिल्ड़िग काफी जर्जर हालत में थी।

लेबर विभाग को पत्र लिखकर की जाएगी सख्त कार्रवाई

एसडीएम पंकज प्रकाश राठौर ने बताया कि मामला अभी संज्ञान में नहीं है। अगर पहले से जर्जर बिल्डिंग को तोड़ रहे थे। उसमें सावधानी बरतनी चाहिए थी। इस प्रकरण में लेबर विभाग को पत्र लिखकर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आखिर वहां पर नाबालिग को कार्य पर किसने लगाया है।

किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। हालांकि, खबर लिखे जाने तक किसी की तरफ से थाने में तहरीर नहीं दी गई थी। सीओ सरधना शिव प्रताप सिंह ने बताया कि पहले ताले हथकड़ी वाले आते थे। संभवत वहीं ताला लगा होगा। मामले की जांच की जा रही है।

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