हापुड़ में बुलडोजर की आहट से गरमाया माहौल, किसानों-व्यापारियों का धरना, HPDA ने रोकी कार्रवाई

हापुड़ में बुलडोजर की आहट से गरमाया माहौल, किसानों-व्यापारियों का धरना, HPDA ने रोकी कार्रवाई
आनंद विहार योजना में 19 हजार वसूली पर बवाल, VC बोले- 20 दिन में दोबारा सर्वे, कमेटी करेगी फैसला
हापुड़। दिल्ली रोड पर सबली गांव से बालाजी मंदिर तक जमीन पर कब्जा लेने पहुंची एचपीडीए की टीम को बृहस्पतिवार को किसानों और व्यापारियों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। भनक लगते ही भवन बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले सैकड़ों लोग टेंट लगाकर धरने पर बैठ गए। मामले ने तूल पकड़ा तो धौलाना विधायक धर्मेश तोमर खुद व्यापारियों-किसानों को लेकर एचपीडीए वीसी मुकेश चंद्र से मिलने पहुंचे। करीब दो घंटे की बैठक के बाद फिलहाल बुलडोजर की कार्रवाई टाल दी गई है।
एचपीडीए ने बृहस्पतिवार को सबली गांव के पास आनंद विहार योजना की जमीन पर रास्ता खोलने के लिए बुलडोजर चलाने की रणनीति बनाई थी। इसकी जानकारी मिलते ही सुबह ही किसान और व्यापारी मौके पर जुट गए और धरना शुरू कर दिया। सूचना पर विधायक धर्मेश तोमर भी पहुंचे और सभी को लेकर सीधे एचपीडीए कार्यालय जा पहुंचे।
वीसी मुकेश चंद्र के सामने विधायक धर्मेश तोमर ने जमकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, “प्राधिकरण ने 261 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से जमीन का अर्जन किया, लेकिन अब उन्हीं भवनों-दुकानों को विनियमित करने के लिए 19 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर मांग रहा है। ये कहां का न्याय है?”
विधायक ने आरोप लगाया कि योजना के सर्वे में पहले से बने भवनों-दुकानों को दिखाया ही नहीं गया, जबकि लोग सालों से टैक्स और बिजली बिल भर रहे हैं। “नया भूमि अधिग्रहण कानून लागू होने से ठीक एक दिन पहले जल्दबाजी में अवार्ड कर दिया गया। न सार्वजनिक सूचना दी, न किसानों को बताया। यह सरासर उत्पीड़न है,” तोमर ने कहा।
व्यापारियों का गुस्सा देख एचपीडीए वीसी मुकेश चंद्र बैकफुट पर आए। उन्होंने दो चरणों में सुनवाई का भरोसा दिया। तय हुआ कि एचपीडीए अधिकारी, किसान और भवन बचाओ संघर्ष समिति के सदस्यों की एक संयुक्त कमेटी बनाई जाएगी। यह कमेटी मौके पर जाकर पुनः सत्यापन और सर्वे करेगी।
एचपीडीए उपाध्यक्ष मुकेश चंद्र ने कहा, “यह मामला बहुत पुराना है। समाधान के लिए कमेटी दोनों पक्षों से बात करेगी। 20 दिन बाद दोबारा बैठक होगी। तब तक कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। पूरी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।” उन्होंने माना कि शासन के निर्देश पर ही किसानों से बातचीत के लिए समिति बनाई गई है।
बैठक में प्रभारी सचिव अमित कादियान, एई अजय सिंहल, भवन बचाओ संघर्ष समिति अध्यक्ष ललित अग्रवाल, पवन त्यागी, रमन गोयल, ओम प्रकाश, राजकुमार अग्रवाल, अनिल अग्रवाल, सोनू त्यागी, ओम प्रकाश गाबा, हरि प्रकाश त्यागी, संजय त्यागी, इकबाल सिंह समेत कई व्यापारी और किसान मौजूद रहे।
क्या है विवाद
आनंद विहार योजना के तहत एचपीडीए ने सबली से बालाजी मंदिर तक जमीन का अधिग्रहण किया था। आरोप है कि अधिग्रहण में पहले से बनी दुकानों और मकानों को भी शामिल कर लिया गया। अब प्राधिकरण इन्हें तोड़ने की तैयारी में था। व्यापारी 19 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर की विनियमित दर का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि सड़क से 100 मीटर जमीन भविष्य के लिए आरक्षित है, ऐसे में मौजूदा भवनों से योजना पर असर नहीं पड़ेगा।











