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नलकूप बिलों के घोटालें की बकाया राशि हो समाप्त – एकलव्य सिंह सहारा

नलकूप बिलों के घोटालें की बकाया राशि हो समाप्त – एकलव्य सिंह सहारा

हापुड़। भाकियू टिकैत ने जिले के हजारों किसानों के नलकूप बिलों ने में जुड़कर आ रही बकाया धनराशि को समाप्त करने की मांग उठाई। वहीं, ऑनलाइन पोर्टल पर किसानों से दस्तावेज अपलोड कराने पर आक्रोश जताते हुए ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता आशीष कुमार को ज्ञापन सौंपा।

भाकियू पश्चिमी उत्तर प्रदेश के युवा अध्यक्ष एकलव्य सिंह सहारा ने बताया कि अप्रैल 1995 से मार्च 2004 तक हुए नलकूप बिल घोटाले में सर्वाधिक लापरवाही एवं भ्रष्टाचार स्वयं ऊर्जा निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा किया गया था। उस अवधि में नलकूप उपभोक्ताओं के बिलों में बड़े पैमाने पर घोटाला हुआ और अनेक अभिलेख या तो नष्ट कर दिए गए या उन्हें जानबूझकर गायब कर दिया गया।

अब लगभग 30 वर्ष के बाद विभाग द्वारा जारी नवीन आदेश किसानों के साथ अन्याय की पराकाष्ठा है। जब प्रदेश सरकार किसानों के नलकूपों के बिजली
बिल माफ करने का दावा कर रही है। तब इस प्रकार का फरमान जारी करके किसानों को गुमराह किया जा रहा है और भविष्य में किसानों के विरुद्ध रिकवरी कार्रवाई की तैयारी जैसा प्रतीत होता है। जिसका किसान संगठन पूर्ण रूप से विरोध करता है।.

उन्होंने कहा कि प्रार्थना पत्र के साथ उपभोक्ता को शपथपत्र की भौतिक प्रति कार्यालय में जमा करनी होगी और यदि प्रस्तुत रसीद या विवरण गलत पाए जाते
हैं, तो उस धनराशि को पुनः विद्युत देयों में जोड़ा जा सकता है। यह नियम सीधे तौर पर किसानों और उपभोक्ताओं को दोषी ठहराने जैसा है, जबकि वास्तविक गलती विभाग की है। जब विभाग के पास स्वयं संपूर्ण अभिलेख उपलब्ध नहीं हैं और 30 वर्षों में उन्हें व्यवस्थित नहीं किया जा सका है। इस दौरान डॉ. मतलूब, विनय बाना, शोकीन प्रधान, डॉ. फरहीम चौधरी, सूरजवीर सिंह, शेखर चौधरी आदि मौजूद थे।

















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