डीएम ने 50 साल बाद भूमाफियाओं से मुक्त करवाया प्राचीन काल भैरव मंदिर, ताला तुड़वाकर खोला मंदिर, विधि विधान से स्थापित होंगे काल भैरव – अभिषेक पाण्डेय

डीएम ने 50 साल बाद भूमाफियाओं से मुक्त करवाया
प्राचीन काल भैरव मंदिर, ताला तुड़वाकर खोला मंदिर, विधि विधान से स्थापित होंगे काल भैरव – अभिषेक पाण्डेय
हापुड़। थाना गढ़मुक्तेशर क्षेत्र में स्थित प्राचीन काल भैरव मंदिर में 50 सालों से भूमाफियाओं के कब्जें की सूचना पर डीएम अभिषेक पांडेय ने स्वयं खड़े होकर मंदिर का ताला तुड़वाकर मंदिर मुक्त करवाया ।जिलाधिकारी के निर्देश पर मंदिर पर लगा ताला तुड़वाकर अतिक्रमण हटाया गया. जल्द ही विधि‑विधान से काल भैरव की मूर्ति को मूल स्थान पर स्थापित किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार प्रसिद्ध तीर्थ नगरी गढ़मुक्तेशर क्षेत्र के नक्का कुआं इलाके में स्थित सैकड़ों वर्ष पुराने काल भैरव मंदिर पर 50 साल पूर्व कुछ भूमाफियाओं ने लंबे समय से अवैध कब्जा कर रखा था। मंदिर को खंडित कर वहां ताला जड़ दिया गया था, जिससे श्रद्धालुओं का प्रवेश पूरी तरह बंद हो गया था।
गढ़मुक्तेश्वर में चल रहे विकास कार्यों व मंदिर के जीर्णोद्धार का निरीक्षण करने पहुंचे डीएम अभिषेक पाण्डेय की नजर इस अतिक्रमण पर पड़ी। मंदिर पर ताला लगा देखकर उन्होंने मामले को गंभीरता से लिया और तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।इसके बाद प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और मंदिर पर लगा ताला तुड़वाकर कब्जा हटवाया गया।
गढ़मुक्तेश्वर की आस्था से जुड़ा है काल भैरव मंदिर
गढ़मुक्तेश्वर को एक प्रमुख धार्मिक केंद्र माना जाता है. यहां मुक्तेश्वर महादेव मंदिर की विशेष मान्यता है, जिसके नाम पर ही शहर का नाम पड़ा है। इसी परिसर में एक ओर प्राचीन गंगा मंदिर, दूसरी ओर मुक्तेश्वर महादेव मंदिर और तीसरी ओर काल भैरव मंदिर वर्षों से स्थित रहे हैं. काल भैरव मंदिर का बंद रहना स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के लिए लगातार पीड़ा का कारण बना हुआ था।
डीएम ने बताया कि जब काल भैरव मंदिर पर कब्जा किया गया था, उस दौरान भगवान काल भैरव की मूर्ति को वहां से हटाकर दूसरे मंदिर में स्थापित कर दिया गया था। तब से करीब 45 से 50 वर्षों तक मूर्ति अपने मूल स्थान से दूर रही। जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय ने बताया कि अब विधि‑विधान के साथ काल भैरव की मूर्ति को उसके मूल स्थान पर दोबारा स्थापित कराया जाएगा. मंदिर को फिर से श्रद्धालुओं के लिए खोला जाएगा, ताकि लोग अपनी आस्था के अनुसार पूजा‑अर्चना कर सकें.
उन्होंने बताया कि आने वाले समय में पूरे क्षेत्र को एक भव्य टेंपल कॉम्प्लेक्स के रूप में विकसित किया जाएगा।इससे न सिर्फ धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि गढ़मुक्तेश्वर के समग्र विकास को भी गति मिलेगी।
डीएम अभिषेक पांडेय ने बताया कि गढ़मुक्तेश्वर के प्राचीन मुक्तेश्वर महादेव मंदिर परिसर में विकास कार्य चल रहे हैं। निरीक्षण के दौरान यहां अतिक्रमण मिला, जिसे हटाया गया है। काल भैरव मंदिर पर लगा ताला भी खुलवाया गया है. जल्द ही विधि‑विधान के साथ मूर्ति की पुनः स्थापना कराई जाएगी। पूरा परिसर टेंपल कॉम्प्लेक्स के रूप में विकसित किया जाएगा।











