इंडेन गैस एजेंसियों पर रसोई गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी के खुलासे पर कार्रवाई के लिए डीएम ने शासन को भेजी रिपोर्ट, सभी इंडेन गैस एजेंसियों का रिकॉर्ड तलब

हापुड़।
इंडेन कंपनी की एक सेल्स अफसर पर बड़े पैमाने पर सिलेंडरों की कालाबाजारी का आरोप लगा है। प्रशासन की प्रारंभिक जांच में 2300 सिलेंडरों के घपले का खुलासा हुआ है, जिसमें 800 कमर्शियल और 1500 घरेलू सिलेंडर शामिल हैं। इस मामले में जिलाधिकारी ने प्रदेश सरकार के प्रमुख सचिव को कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी है।
2300 सिलेंडरों के इस प्रारंभिक घपले के सामने आने के बाद जिला स्तर पर एक जांच टीम का गठन किया गया है। अधिकारियों को आशंका है कि कालाबाजारी का यह आंकड़ा 20 हजार से अधिक सिलेंडरों तक हो सकता है। इसे देखते हुए, जिला आपूर्ति अधिकारी (डीएसओ) ने इंडेन सहित सभी गैस कंपनियों से पिछले 10 दिनों का रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं।
आरोप है कि संबंधित सेल्स अफसर अधिकारियों को गलत रिपोर्ट भेजकर लगातार गुमराह करती रही। एजेंसियों पर सिलेंडरों की कमी थी, जबकि सरकारी रिकॉर्ड में उनका भंडारण दिखाया जा रहा था, जिससे स्थिति असामान्य हो गई थी। जानकारी मांगने पर सेल्स अफसर ने कथित तौर पर डीएसओ, एक पुलिस सीओ सहित चार अधिकारियों से बदसलूकी भी की। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि एक बार भारी भीड़ होने पर टकराव की स्थिति उत्पन्न हुई थी। उस समय सेल्स अफसर ने एजेंसी संचालक को खुद से निपटने के लिए
कहकर अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया था। इसी घटना के बाद प्रशासन ने इस मामले की जांच शुरू की थी।
डीएसओ डॉ. सीमा बालियान ने बताया कि 29 मार्च को इंडेन कंपनी की एजेंसियों पर जांच की गई थी, जिसमें 2300 सिलेंडरों का घपला पाया गया। सेल्स अफसर इस संबंध में कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाईं। इस घपले की रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी गई है और 10 दिन की सिलेंडर आपूर्ति व वितरण की विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी गई है। प्रदेश सरकार अब इस अनियमितता की जानकारी केंद्र सरकार को भेजेगी।











