अग्रवाल महासभा चुनाव में तीसरे युवा व्यापारी की निर्दलीय की एंट्री, सर्वसम्मति से अध्यक्ष बनने पर करोड़ों के विकास का दावा

हापुड़: अग्रवाल महासभा चुनाव में तीसरे युवा व्यापारी की निर्दलीय की एंट्री, सर्वसम्मति से अध्यक्ष बनने पर करोड़ों के विकास का दावा
छावनी और चौकड़ायत ग्रुप के बाद युवा दावेदार ने बढ़ाई सरगर्मी, 5800 सदस्यों वाली महासभा के त्रिवार्षिक चुनाव पर टिकीं निगाहें
हापुड़। शहर की प्रतिष्ठित अग्रवाल महासभा के त्रिवार्षिक चुनाव को लेकर चुनावी बिसात बिछनी शुरू हो गई है। वैश्य समाज में इस चुनाव को लेकर खासा उत्साह है। इस बार छावनी ग्रुप और चौकड़ायत ग्रुप के अलावा अध्यक्ष पद के लिए निर्दलीय एक युवा व्यापारी के नाम की भी चर्चा तेज है। युवा दावेदार ने सर्वसम्मति से अध्यक्ष बनाए जाने पर करोड़ों रुपए से विकास कार्य कराने का दावा किया है।
दो गुट पहले से मैदान में
जानकारी के मुताबिक महासभा में करीब 5800 सदस्य हैं। इस बार चुनाव में ललित अग्रवाल छावनी वाले अध्यक्ष और सुधीर गुप्ता मंत्री पद के लिए मैदान में उतर सकते हैं। वहीं दूसरे गुट से अतुल चौकड़ायत अध्यक्ष और विमेश गोयल मंत्री पद के संभावित दावेदार हैं।
युवा दावेदार ने बढ़ाई हलचल
इन दो गुटों के बीच तीसरे युवा व्यापारी ने भी अध्यक्ष पद पर दावेदारी ठोक दी है। उनका कहना है कि वे जल्द ही नाम का खुलासा करेंगे। यदि महासभा उन्हें सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुनती है तो वे अपने निजी खर्चे से करोड़ों रुपए के विकास कार्य कराएंगे।
प्रतिष्ठा का सवाल बने चुनाव
हापुड़ विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट पर भी मेरठ के लोगों को ही टिकट मिलता है। नगर पालिकाध्यक्ष की सीट भी वर्तमान में अनुसूचित जाति के कोटे में है। शहर में वैश्य समाज के लोगों की संख्या हजारों में है। ऐसे में समाज में रुतबा बनाए रखने के लिए गणमान्य लोग चंडी मंदिर, श्री शिक्षा प्रसार समिति, श्री पंचायती गौशाला और अग्रवाल महासभा के चुनाव में खास दिलचस्पी लेते हैं। एक-एक चुनाव में प्रत्याशी लाखों रुपए तक खर्च करते हैं।
एसएसवी कॉलेज, चैम्बर ऑफ कॉमर्स, चंडी मंदिर और गौशाला की तरह अग्रवाल महासभा चुनाव भी अहम माना जाता है। चुनाव की सुगबुगाहट के साथ ही शहर में सरगर्मी बढ़ गई है।











