मेहनत और जज्बे की मिसाल बना लक्की :”सुबह अखबार, रात को पढ़ाई” , पेंटर पिता का बेटा बनेगा डॉक्टर, दूसरे प्रयास में NEET किया पास

मेहनत और जज्बे की मिसाल बना लक्की :”सुबह अखबार, रात को पढ़ाई” , पेंटर पिता का बेटा बनेगा डॉक्टर, दूसरे प्रयास में NEET किया पास
हापुड़(यथार्थ अग्रवाल मुन्ना)।नगर की गलियों में सुबह-सुबह अखबार बांटने वाला लक्की आज पूरे शहर के लिए प्रेरणा बन गया है। परिवेश भारत उर्फ लक्की ने सीमित संसाधनों और कड़ी मेहनत के दम पर दूसरे प्रयास में NEET परीक्षा पास
कर डॉक्टर बनने का सपना साकार करने की ओर कदम बढ़ा दिया है।
नगर के कोठीगेट नई आबादी निवासी पेंटर सुरेश के बेटे लक्की ने घर का खर्च चलाने के लिए पढ़ाई के साथ-साथ अखबार वितरण का काम भी किया। सुबह 4 बजे अखबार बांटना, फिर कोचिंग और सेल्फ स्टडी – यही उसका रूटीन था।
SBM स्कूल से इंटर पास करने वाले लक्की ने पहले प्रयास में असफलता मिलने के बाद हार नहीं मानी। उसने बताया “पापा पेंटर का काम करते हैं। हालात ठीक नहीं थे, इसलिए खुद भी अखबार बांटता था। बस एक ही लक्ष्य था डॉक्टर बनना।”
NEET में सफलता की खबर मिलते ही कोठीगेट क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। सभी अखबार विक्रेताओं ने लक्की को माला पहनाकर सम्मानित किया और मिठाई बांटी। स्कूल प्रबंधक अनिल अग्रवाल व प्रधानाचार्य सुनील शर्मा ने छात्र की सफलता पर बंधाई दी।
स्थानीय लोग कह रहे हैं कि लक्की की कहानी उन हजारों बच्चों के लिए जवाब है जो कहते हैं कि “पैसे नहीं हैं तो पढ़ाई नहीं हो सकती”।











