मुरादाबाद में सजा श्री बालाजी महाराज का पांचवां दरबार,भक्ति में डूबे श्रद्धालु

मुरादाबाद में सजा श्री बालाजी महाराज का पांचवां दरबार,भक्ति में डूबे श्रद्धालु
भजनों और आशीर्वाद से गूंजा दरबार, सुशांत तोमर ने किया भक्तों का मार्गदर्शन
श्रद्धा और आस्था का संगम: बालाजी महाराज के दरबार में उमड़ी भक्तों की भीड़
मुरादाबाद। शहर एवं आसपास के क्षेत्रों में धार्मिक आस्था का विशेष माहौल देखने को मिला, श्री बालाजी महाराज के पांचवें दरबार का भव्य आयोजन किया गया। यह दरबार सुबह 9 बजे से मिगलानी सेलेब्रेशन, मधुबनी कॉलोनी के सामने, पीएसी कांठ रोड पर आरंभ हुआ, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर पूजा-अर्चना में शामिल हुए।
कार्यक्रम का आयोजन प्रशांत कालरा, निशांत और अनिल धींगरा द्वारा किया गया। आयोजकों ने बताया कि इस तरह के धार्मिक आयोजनों का उद्देश्य लोगों को आध्यात्मिक मार्ग की ओर प्रेरित करना और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना है। सुबह से ही आयोजन स्थल पर भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्ति और श्रद्धा का वातावरण बना रहा।
दरबार में मुख्य आकर्षण रहे गुरुदेव सर्वश्री सुशांत तोमर (हापुड़ वाले), जिन्होंने अपने मधुर भजनों से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। “जय गोरा लाल तुम्हारा”, “सारे तीर्थ धाम तुम्हारे चरणों में”, “बिहारी जी मुझे बुला नहीं लेते” और “राम आएंगे तो…” जैसे भजनों ने उपस्थित जनसमूह को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। भजनों के दौरान श्रद्धालु झूमते नजर आए और पूरा पंडाल भक्तिमय हो गया।
गुरुदेव सुशांत तोमर ने दरबार में उपस्थित भक्तों को आशीर्वाद प्रदान किया तथा उनके जीवन में आने वाली समस्याओं, बाधाओं और कष्टों के निवारण के लिए मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि सच्ची श्रद्धा और विश्वास से हर कठिनाई को दूर किया जा सकता है। उनके उपदेशों को सुनकर श्रद्धालुओं ने आत्मिक शांति का अनुभव किया।
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना की। आयोजन स्थल पर व्यवस्थाएं भी सुव्यवस्थित रहीं। श्रद्धालुओं के बैठने, प्रसाद वितरण और सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
स्थानीय निवासी लोगों ने बताया कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है और लोगों को मानसिक शांति मिलती है। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम लोगों को एकजुट करने का कार्य भी करते हैं।
कुल मिलाकर, श्री बालाजी महाराज के पांचवें दरबार ने श्रद्धालुओं के मन में भक्ति और आस्था का संचार किया तथा पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर कर दिया।











