करोड़ों की जमीन के फेर में 70.50 लाख की धोखाधड़ी, कोर्ट के आदेश पर 5 के खिलाफ मुकदमा दर्ज

करोड़ों की जमीन के फेर में 70.50 लाख की धोखाधड़ी, कोर्ट के आदेश पर 5 के खिलाफ मुकदमा दर्ज
हापुड़ । थाना हापुड़ क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव सबली में जमीन खरीद-फरोख्त के नाम पर एक व्यक्ति से लाखों रुपये की जालसाजी का बड़ा मामला सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर ₹70.50 लाख की धोखाधड़ी की और विरोध करने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। पुलिस द्वारा सुनवाई न होने पर पीड़ित ने न्यायालय की शरण ली। अब कोर्ट के कड़े रुख के बाद कोतवाली पुलिस ने तीन नामजद और दो अज्ञात समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
90 लाख का सौदा और फर्जीवाड़े का खेल
शिकायत के अनुसार, गांव सबली निवासी भूपेंद्र ने बताया कि वर्ष 2021 में मोहल्ला गणेशपुरा निवासी सुरेंद्र कुमार, उसकी पत्नी अंशु रानी, तेजवीर सिंह और दो अज्ञात व्यक्तियों के साथ उनकी कृषि भूमि के आधे हिस्से का ₹90 लाख में सौदा तय हुआ था।
बयाने की रकम: सरकारी सर्कल रेट के अनुसार ₹45 लाख का इकरारनामा (एग्रीमेंट) हुआ, जिसमें से पीड़ित भूपेंद्र ने ₹19.50 लाख बयाने के रूप में RTGS के जरिए आरोपियों को ट्रांसफर कर दिए।
धोखे की शुरुआत: शेष ₹25.50 लाख बैनामे के वक्त दिए जाने थे, लेकिन आरोपी लगातार बैनामा टालते रहे।
इकरारनामे के बहाने हड़प ली दूसरी जमीन
आरोप है कि 27 नवंबर 2024 को आरोपियों ने एग्रीमेंट की अवधि बढ़ाने के बहाने एक गहरी साजिश रची। उन्होंने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और पीड़ित भूपेंद्र की एक दूसरी कृषि भूमि का बैनामा चालाकी से अपने नाम करवा लिया। इस नई जमीन के लिए आरोपियों ने कोई अतिरिक्त पैसा नहीं दिया, बल्कि पुराने ₹19.50 लाख को ही इसमें एडजस्ट दिखा दिया। इसके बाद आरोपियों ने शातिर तरीके से पहला इकरारनामा भी निरस्त करा दिया और बयाने की राशि भी चेक के माध्यम से वापस निकाल ली।
विरोध करने पर पत्नी से गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी
पीड़ित का कहना है कि जब उसे इस जालसाजी का पता चला और उसने विरोध किया, तो आरोपियों ने उसे और उसके परिवार को अंजाम भुगतने की धमकी दी। हद तो तब हो गई जब 9 मार्च 2026 को आरोपियों ने भूपेंद्र के खेत पर पहुंचकर उसकी पत्नी के साथ अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज की।
अधिकारियों के चक्कर काटने के बाद कोर्ट से मिला न्याय:
पीड़ित भूपेंद्र ने इस गुंडागर्दी और धोखाधड़ी की शिकायत डायल 112, नगर कोतवाली, पुलिस अधीक्षक (SP) और जिलाधिकारी (DM) तक से की, लेकिन जब पुलिस प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो पीड़ित ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर हरकत में आई पुलिस ने अब सुरेंद्र कुमार, अंशु रानी, तेजवीर सिंह और दो अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और धमकी देने की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।











