M&M Project OM Prime Estate ATMS College of Education
News

आओ हम मिलकर बोलें भारत माता की जय जय जय – प्रोफेसर वागीश, अद्भुत गाथा कुम्भ की,अद्भुत है पहचान – दिनेश त्यागी

हापुड़।

विश्व के 37 देशों में कार्यरत साहित्यिक संस्था हिंदी साहित्य भारती की मासिक काव्य गोष्ठी का आयोजन जनपद के नगर पिलखुवा स्थित केशव मारवाड़ गर्ल्स डिग्री कॉलेज के प्रांगण में किया गया। जिसकी अध्यक्षता संस्था के अंतर राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री प्रोफेसर वागीश दिनकर ने की। संचालन जिला महामंत्री डॉ. ओमपाल सिंह विकट ने किया। गोष्ठी के संयोजक कवि रामवीर आकाश रहे।

अध्यक्षता कर रहे प्रोफेसर वागीश दिनकर ने पढ़ा कि –
आओ हम मिलकर बोलें भारत माता की जय जय जय।
माता के आँचल में पनपे भ्राता भ्राता की जय जय जय।

शानदार समीक्षक के रूप में पहचाने जाने वाले कवि राज चैतन्य ने पढ़ा कि –
अरे साथियो क्यों जीते हो अपनों को छलते छलते।
जल जल कर मर जाते हैं पर सुख से जलते जलते।

संस्था के जिला अध्यक्ष दोहा सम्राट दिनेश त्यागी ने पढ़ा कि –
अद्भुत गाथा कुम्भ की,अद्भुत है पहचान।
पाप ताप सब दूर हों, दुनिया करे बखान।

राष्ट्रीय कवि मोहित शौर्य ने पढ़ा कि –
मैं अपने राम के दम पर खड़ा हूँ आज अंगद सा।
किसी रावण से अब यह पग हिलाया नहीं जाता।

वरिष्ठ कवि एवं साहित्यकार कवि अशोक गोयल ने पढ़ा कि –
गमों की आंच पर आँसू उबालकर देखो।
बनेंगे रंग किसी पर भी डालकर देखो।
तुम्हारे दिल की चुभन भी जरूर कम होगी।
किसी के पाँव से काँटा निकालकर देखो।

डॉ. ओमपाल सिंह विकट ने पढ़ा कि-
मैं जाने क्यों इसी एक बात पर लोगों को खलता हूँ।
दिखाते हैं पिता मुझको मैं उस रस्ते पे चलता हूं।
कमाता हूँ मैं जो कुछ भी सब उनकी ही नेमत है।
मुझे है गर्व अपने बाप के टुकड़ों पे पलता हूँ।

आयोजक रामवीर आकाश ने पढ़ा कि –
नींद खुली तो सपन सुनहरे सरहाने पर सोये थे।
हमने जितने दर्द उठाए आहें भर भर रोये थे।

कवियत्री बीना गोयल ने सरस्वती वंदना पढ़कर गोष्ठी का शुभारंभ किया। साथ ही पढ़ा कि –
बसंती बहारें मचलने लगी हैं।
धरा को गगन को बदलने लगी हैं।

राजीव गोयल ने पढ़ा कि –
जिंदगी की हर खुशी को तुमने पूरा कर दिया।
छोटी सी छोटी खुशी को तुमने दूना कर दिया।
उस प्रभु का शुक्रिया है दोस्त बनकर तुम मिले।
बेरंग सी थी जिंदगी रंगों से तुमने भर दिया।

पुष्पेंद्र पंकज ने पढ़ा कि-
प्रेम पुष्प पर सबने लिखा।
प्रेम छुपे छल पर भी लिखो।

एम एल तेजियान ने पढ़ा कि-
नेताओं ने कर दिया बिच्छूओं को भी मात।
वाणी ऐसी बोलते बिगड़े हैं हालात।

ओज के शानदार कवि सौरभ ने पढ़ा कि –
ये चुने ईंट का खंडहर कभी भी घर नहीं होता।
रहें माँ बाप खुश जिस घर में वो जर्जर नहीं होता।

छोटी उम्र में बड़े मंचों पर धूम मचा चुके संस्था के कोषाध्यक्ष कपिलवीर सिंह ने पढ़ा कि –
खिलखिलाकर हँस उठा सूना पड़ा शबरी का घर।

शायर अमरपाल सिंह चौहान अमर ने पढ़ा कि –
कदम संभाल के रखना ज़नाब पानी में।

एक से बढ़कर एक रचनाएं पढ़े जाने से गोष्ठी सफल रही।वहीं बड़े कवियों ने रचनाओं में सुधार हेतु सुझाव देकर इसे कार्यशाला का रूप दिए रखा।
ओमपाल राणा।

Arun Kumar Jindal

Mudit Bansal

Vivek Goel Sarraf

Raghav Khajanchi


Om Prime Estate


RCC Society in Hapur


JMS World School


Brainwaves International School


J P Public School


MH vivekanand Sr Secondary School


Kidzee


Delhi City School


SCM Global School



Show More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page