उत्तराखंड में आयोजित हुआ विराट कवि सम्मेलन,जैसे कोई सुमन खिला हो राजा के उपवन – अशोक गोयल

पिलखुवा । सामयिक परिवेश अंतर्राष्ट्रीय पटल के उतराखंड इकाई में भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि एवम् साहित्यकार कवि अशोक गोयल ने की सभी प्रतिभागियों ने एक से बढ़ कर एक रचनाओं से पटल को सुसज्जित किया,अपने सुमधुर स्वर से सभी ने पटल को आह्लादित किया।इन सब के रचनाओं ने पटल को एक नई ऊंचाई प्रदान किया। सरस्वती वंदना सविता राज ने बड़े ही सरस स्वर में किया,संस्था की संस्थापिका ममता मेहरोत्रा बिहार ने अपने उद्बोधन से पटल को आह्लादित किया, कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि टेकू वासवानी मस्कट ने प्रभावी अंदाज में उद्बोधन दिया, कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अशोक गोयल ने बहुत ही शानदार उद्बोधन दिया कविआशोक गोयल ने मां भारती का गान कुछ इस प्रकार किया जैसे कोई सुमन खिला हो राजा के उपवन, जैसे कोई नीतिकार दिखता हो सभा सदन मे। सप्त रंग का इंद्र धनुष को लगता नीलगागन में, वैसी भारत माता लगती इस त्रिलोक्य भवन मेंसविता राज मुजफ्फरपुर बिहार ने बहुत ही प्रभावी अंदाज में संचालन किया।काव्यपाठ करने वाले रचनाकारों में कविअशोक गोयल,डॉ. मीना कुमारी परिहार बिहार ,पुष्पा बुकलसरिया, सुधा पाण्डेय बिहार,रामनिवास तिवारी आशुकवि,निवाड़ी मध्य प्रदेश, किशन लाल कहार,बून्दी राजस्थान,ईश्वर चंद्र जायसवाल, संत कबीर नगर उत्तर प्रदेश ,बी एस अधिकारी द्वाराहाट अल्मोड़ा,शोभा रानी तिवारी
इन्दौर ,डाक्टर कवि कुमार निर्मल बेतिया बिहार,पुष्पा निर्मल बेतिया बिहार,डॉ.सुमन मेहरोत्रा मुजफ्फरपुर बिहार ,निलम अग्रवाल
खड़गपुर ,प्रो(डॉ)शरद नारायण खरे,
सुनील कुमार उपाध्याय डॉ राम शरण सेठ छटहाॅं मिर्जापुर उत्तर प्रदेश, निवेदिता सिन्हा , भागलपुर ,
बिहार ,रामबाबू शर्मा,राजस्थानी दौसा(राज.),प्रो. डॉ.रमेन
गोस्वामी,शेखर उत्तराखंडी रुद्रपुर उत्तराखंड रहे,कार्यक्रम के अंत में संचालन कर रही सविता राज मुजफ्फरपुर बिहार ने अपनी रचना प्रस्तुत की।कार्यक्रम का विराम डॉ.सुमन मेहरोत्रा मुजफ्फरपुर बिहार के आभार ज्ञापन से हुआ।
विज्ञप्ति

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