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शुगर कंट्रोल नहीं करने दे रही स्वीट क्रेविंग्स, तो एक्सपर्ट के बताएं इन टिप्स से करें मैनेज

शुगर कंट्रोल नहीं करने दे रही स्वीट क्रेविंग्स, तो एक्सपर्ट के बताएं इन टिप्स से करें मैनेज

लाइफस्टाइल 

तीज-त्योहार हो या खुशी का माहौल मीठे के बिना हमारा सेलिब्रेशन अधूरा सा रहता है। इतना ही अक्सर खाने के बाद हमारा मन कुछ मीठा खाने को करता है। मौका चाहे जो भी हो, लोग अक्सर मीठा खाने का कोई न कोई बहाना ढूंढ ही लेते हैं। मीठा खाना कई लोगों को बेहद पसंद होता है। हालांकि, इसकी कड़वी सच्चाई यह है कि इसकी वजह से हमारी सेहत को काफी नुकसान होता है।

फलों, सब्जियों, अनाज और डेयरी प्रोडक्ट्स में पाई जाने वाली में नेचुरल शुगर से सेहत को नुकसान नहीं होता, लेकिन आर्टिफिशियल शुगर या एडेड शुगर से मोटापा, डायबिटीज और दिल से जुड़ी समस्याओं सहित कई गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। जरूरत से मीठा कई तरीके हमारी सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है।

चीनी के नुकसान

JAMA इंटरनल मेडिसिन में साल 2014 के प्रकाशित एक अध्ययन में ज्यादा चीनी खाने और हार्ट डिजीज से संबंधित मृत्यु दर के बढ़ते जोखिम के बीच संबंध का खुलासा हुआ था। जरूरत से ज्यादा चीनी खाने से मोटापा, हृदय रोग, फैटी लीवर और टाइप 2 डायबिटीज जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। पिछले कुछ अध्ययनों से यह पता चला है कि एडेड शुगर शरीर के नेचुरल ब्लड शुगर के स्तर को बढ़ा देती है, जिससे कई भारतीय प्री-डायबिटिक हो जाते हैं।

कैसे करें शुगर क्रेविंग कंट्रोल

ऐसे में जरूरी है कि अपनी डाइट में मीठे को सीमित किया जा सके। आमतौर पर इसे कंट्रोल करना आसान होता है, लेकिन अगर आप मीठा खाने के शौकीन हैं, तो इसे कम करने की आदत थोड़ी मुश्किल हो सकती है। आपको बार-बार मीठा खाने की क्रेविंग हो सकती है। ऐसे में हार्वर्ड से ट्रेंड विशेषज्ञ, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी ने हाल ही में अपने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए मीठे या शुगर की क्रेविंग को रोकने के कुछ उपाय बताए। आइए जानते हैं-



इसलिए होती है शुगर क्रेविंग्स

डॉक्टर ने बताया कि आंत के बैक्टीरिया में असंतुलन की वजह से आमतौर पर मीठा खाने की क्रेविंग होती है। जब हानिकारक बैक्टीरिया की बढ़ते हैं, तो इससे मीठा खाने की क्रेविंग बढ़ सकती है। ऐसे में मीठे की क्रेविंग को कम करने के लिए हाई फाइबर वाले फूड्स काफी फायदेमंद होंगे, क्योंकि यह हेल्दी गट माइक्रोबायोम को बढ़ावा देता है, जिससे क्रेविंग कम करने में मदद मिलती है।



ये फल होंगे मददगार

रिफाइंड शुगर की जगह फलों का इस्तेमाल कर आप पेट के माइक्रोबायोम संतुलन को मैनेज कर सकते हैं। इसकी मदद से आपको क्रेविंग कम करने में मदद मिल सकती है।



हाई फाइबर वाले फलों में आप सेब, नाशपाती, रसभरी, केला, संतरा, कीवी, स्ट्रॉबेरी, आड़ू, आलूबुखारा, आम, तरबूज, अमरूद शामिल हैं, जिन्हें अपनी डाइट में शामिल कर आप शुगर क्रेविंग को कंट्रोल कर सकते हैं।



यह भी ध्यान रखें

इसके अलावा डॉक्टर ने यह भी बताया कि अगर आपको रिफाइंड शुगर अपनी डाइट में शामिल भी करनी है, तो इसके लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक रोजाना छह चम्मच से कम चीनी का ही इस्तेमाल करें। चीनी का सेवन कम करने, संतुलित आहार अपनाने और नियमित शारीरिक गतिविधि सहित जीवनशैली में संशोधन करके जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के खतरे को कम किया जा सकता है।



 







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