हरिपुर नगरी भक्तिमय: “जय जगन्नाथ” के उद्घोष से गूंजा आसमान, धूमधाम से निकली रथ यात्रा

हरिपुर नगरी भक्तिमय: “जय जगन्नाथ” के उद्घोष से गूंजा आसमान, धूमधाम से निकली रथ यात्रा
हापुड़ (यथार्थ अग्रवाल मुन्ना)।
भगवान श्री जगन्नाथ की रथ यात्रा का महोत्सव गुरुवार को हरिपुर नगरी में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। “जय जगन्नाथ, जय बलदेव, जय सुभद्रा” के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा।
16 जुलाई को निकली भव्य रथ यात्रा में भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलदेव और बहन सुभद्रा के साथ विराजमान थे। वृंदावन से आए कारीगरों ने रथ को फूलों से भव्य रूप से सजाया था। इत्र और फूलों की खुशबू से माहौल सुगंधित हो रहा था।
रथ को खींचने के लिए श्रद्धालुओं में खासा उत्साह दिखा। हर कोई रस्से से जुड़कर पुण्य कमाना चाहता था। दिल्ली से आए केशव चौधरी, सौरभ शर्मा, हिसार से पधारे दिव्यदास जी और हापुड़ की मंडली ने ठाकुर जी के भजनों पर भक्तों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
*भोग-प्रसाद और स्वागत*
पूरे मार्ग में जगह-जगह भगवान की आरती, महाभोग और पुष्प वर्षा से स्वागत किया गया। व्यापारियों ने श्रद्धालुओं के लिए शरबत, शिकंजी, कढ़ी-चावल और आइसक्रीम का प्रसाद वितरित किया। भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा समिति ने चंडी मंदिर प्रांगण में महाभोग प्रसादी की विशेष व्यवस्था की थी।
आयोजकों का कहना था कि पूरे दिन हरिपुर नगरी ही जगन्नाथ पुरी जैसी प्रतीत हो रही थी।
रथ यात्रा को सफल बनाने में मुख्य सेवादार हरिओम अग्रवाल, पंडित अखिलेश, संतोष, राजेश, राकेश वर्मा, त्रिलोकचंद, मुकेश, जय भगवान, संजू, अमित, दयानंद प्रजापति, संजय, पवन, संजीव, अनिल, विनय, रतनलाल, कृष्ण, बृजेश, जगदीश और सौरभ सर्राफ सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं का सहयोग रहा।











