नगर पालिकाध्यक्ष पति पर करोड़ों के घोटाले व पत्नी चेयरमेन के फर्जी साइन कर पास किए टेंडर, बैंक में बंधक प्लॉट का अवैध नक्शा पास कराकर की करोड़ों की ठगी का आरोप , पूर्व चेयरमैन सतीश मित्तल ने CBI जांच की मांग

नगर पालिकाध्यक्ष पति पर करोड़ों के घोटाले व पत्नी चेयरमेन के फर्जी साइन कर पास किए टेंडर करने का आरोप , बैंक में बंधक प्लॉट का अवैध नक्शा पास कराकर की करोड़ों की ठगी का आरोप , पूर्व चेयरमैन सतीश मित्तल ने CBI जांच की मांग
जलकल में चपरासी को बाबू बनाने, पार्किंग वसूली का भी आरोप
हापुड़। नगर पालिका परिषद हापुड़ में करोड़ों रुपये के घोटाले का आरोप लगाते हुए पूर्व पालिकाध्यक्ष सतीश मित्तल ने वर्तमान पालिकाध्यक्ष पुष्पा देवी के पति श्रीपाल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रविवार को ज्ञानलोक कॉलोनी स्थित कैंप कार्यालय में प्रेसवार्ता कर उन्होंने श्रीपाल पर फर्जी हस्ताक्षर, जमीन घोटाला, ठगी और एससी-एसटी एक्ट में फंसाने की धमकी जैसे गंभीर आरोप लगाए और पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की।
“पत्नी के फर्जी साइन, बिना कमीशन फाइल पास नहीं”
पूर्व चेयरमैन सतीश मित्तल ने आरोप लगाया कि पालिकाध्यक्ष पुष्पा देवी के पति श्रीपाल ठेकेदार खुद ही पत्नी की जगह फाइलों और टेंडर प्रक्रिया पर हस्ताक्षर कर देते हैं। बिना कमीशन कोई फाइल पास नहीं होती। पालिका की अरबों की संपत्ति को वकील की मिलीभगत से कोर्ट में जानबूझकर केस हरवाकर प्रतिवादी को फायदा पहुंचाया जा रहा है।
“बंधक प्लॉट का नक्शा पास कराकर की करोड़ों की ठगी”
सतीश मित्तल ने बताया कि दिल्ली रोड स्थित आनंद विहार के प्लॉट ओपी-1 को प्राधिकरण ने ऑफिस कॉम्प्लेक्स के लिए रिजर्व किया था। आरोप है कि श्रीपाल ने प्राधिकरण अधिकारियों से मिलीभगत कर भ्रामक सूचना के आधार पर अवैध तरीके से छोटे भूखंडों का नक्शा पास करा लिया। जबकि नक्शा पास होने के समय पूरा प्लॉट यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, गढ़ रोड शाखा में बंधक था। पालिकाध्यक्ष पुष्पा देवी ने इस पर 50 करोड़ का लोन लिया है।
मित्तल का आरोप है कि बैंक की अनुमति के बिना नक्शा पास कराकर बैनामे और एग्रीमेंट कर कई लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की गई। प्राधिकरण और बैंक अधिकारियों को कई बार अवगत कराने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। पहले बैंक ने बीपी कंस्ट्रक्शन के खिलाफ एफआईआर के आदेश दिए थे, लेकिन बाद में श्रीपाल ने मैनेजर से साठगांठ कर मामला दबा दिया।
जलकल में चपरासी को बनाया बाबू, पार्किंग शुल्क वसूली का आरोप
पूर्व चेयरमैन ने कहा कि श्रीपाल ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मूलचंद को गलत तरीके से जलकल विभाग में बाबू बना रखा है। पालिका में 10 कर्मचारी चतुर्थ से तृतीय श्रेणी में पदोन्नत होने हैं, लेकिन नहीं किए गए। इसको लेकर हाईकोर्ट में दो बार रिट दाखिल हो चुकी है।
आरोप है कि पालिका प्रांगण 24 घंटे कार पार्किंग बना हुआ है और श्रीपाल अवैध रूप से पार्किंग शुल्क वसूलते हैं। पालिका कैंपस में जिला पंचायत के एमएनए का करीब 800 वर्ग मीटर में मकान बनवा दिया गया, जबकि यह जमीन 22000 गज सेठ मधुसूदन दयाल से पालिका ने खरीदी थी।
“तालाब पर कब्जा, खत्ते की जमीन का मुकदमा हरवाया”
सतीश मित्तल ने आरोप लगाया कि स्वर्गाश्रम रोड स्थित तालाब को भू-माफियाओं से मिलकर फर्जी तरीके से प्लॉट काटे जा रहे हैं। गढ़ रोड स्थित करोड़ों की खत्ते की जमीन का मुकदमा नगर पालिका बनाम बिजंदरनाथ जानबूझकर लोअर और सेशन कोर्ट में हरवा दिया गया।
शहर में कूड़ा गाड़ियां कबाड़ हो चुकी हैं और मरम्मत के नाम पर 10 करोड़ से ऊपर का घोटाला किया गया है। जल विभाग में जेई के बराबर में लगे ट्यूबवेल में पंप की जगह समरसिबल लगा है।
“एससी-एसटी में फंसाने की धमकी देकर करते हैं ठगी”
पूर्व पालिकाध्यक्ष ने कहा कि श्रीपाल भू-माफिया हैं। पहले लोगों से ठगी करते हैं, फिर 4-5 साल तक एससी-एसटी एक्ट में फंसाने की धमकी देकर शोषण करते हैं। रजत निवासी गढ़ को संपत्ति बेचकर कब्जा नहीं दिया और 4 साल तक मुकदमे की धमकी दी।
उन्होंने कहा कि श्रीपाल न तो सभासद हैं न चेयरमैन, फिर भी शासन-प्रशासन के कार्यक्रमों में चेयरमैन की भूमिका निभाते हैं। पूरे मामले की सीबीआई से निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उधर इस संबंध में पालिकाध्यक्ष पुष्पा देवी व उनके पति श्रीपाल सिंह ठेकेदार से बात करने का प्रयास किया गया, परन्तु उनसे आरोपों को लेकर बात नहीं हो सकी है।











