4 मोहर्रम पर हापुड़ में निकला जुलजनाह का मातमी जुलूस, इमाम हुसैन की कुर्बानी को किया गया याद

4 मोहर्रम पर हापुड़ में निकला जुलजनाह का मातमी जुलूस, इमाम हुसैन की कुर्बानी को किया गया याद
हापुड़। 4 मोहर्रम 1448 हिजरी के अवसर पर शनिवार को सिकंदरगेट स्थित इमाम बारगाह सैय्यद जमाल हुसैन में मजलिस का आयोजन किया गया। मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना सैय्यद हरदम अली जारचवी ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम ने अपनी कुर्बानी किसी एक मजहब के लिए नहीं, बल्कि पूरी इंसानियत की रक्षा और मानवता के मूल्यों को कायम रखने के लिए दी थी। उन्होंने लोगों से इमाम हुसैन के बताए रास्ते पर चलने का आह्वान किया।
मजलिस के उपरांत जुलजनाह और अलम का जुलूस बरामद किया गया, जिसमें अंजुमन हुसैनी के सोगवारों ने सीनाजनी, जंजीरजनी और मातम किया। इस दौरान नौहाखान अथर अब्बास, मोहम्मद अली, जरगाम अब्बास, तहसीन हुसैन और मोमिन अब्बास ने नौहाख्वानी कर माहौल को गमगीन बना दिया।
जुलूस सिकंदरगेट स्थित इमाम बारगाह सैय्यद जमाल हुसैन से प्रारंभ होकर किला कोना, कोटला सादात, इमाम बारगाह नवाब असकरी मिर्जा मेरठ गेट, खिड़की बाजार और पुराना बाजार से होता हुआ पुनः इमाम बारगाह सैय्यद जमाल हुसैन शाह, सिकंदरगेट पहुंचकर संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का संचालन शिया मोहर्रम कमेटी हापुड़ के अध्यक्ष एवं संचालक सैय्यद राशिद हुसैन रिजवी ने किया। जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शामिल होकर हजरत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम को खिराज-ए-अकीदत पेश किया।











