दो बहनों की मौत का मामला: पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नहीं आया स्पष्ट कारण, बिसरा सुरक्षित, विशेष जांच होगी

दो बहनों की मौत का मामला: पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नहीं आया स्पष्ट कारण, बिसरा सुरक्षित, विशेष जांच होगी
देर रात हुआ अंतिम संस्कार, मुआवजे व एफआईआर की मांग
, हापुड़।
थाना धौलाना क्षेत्र स्थित सरकारी अस्पताल में इलाज के दौरान दो बहनों की मौत के मामले में एक बहन की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं आया है। स्वास्थ्य विभाग ने बिसरा सुरक्षित रख विशेष जांच करवायेंगे। उधर पोस्टमार्टम होने के बाद छोटी बहन के शव का देर रात गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। सीएमओ ने जांच रिपोर्ट आने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
जानकारी के अनुसार
गौतमबुद्ध नगर के ऊंचा अमीरपुर गांव निवासी लकी की मां निर्मला देवी मंगलवार को पोती शिवांगी (9)और साक्षी (4)को मामूली फोड़े-फुंसी व बुखार की दवा दिलाने सीएचसी धौलाना लाई थीं। दवा देने के बाद दोनों बच्चियों की तबीयत बिगड़ने लगी। चेहरा और पेट फूल गया और उल्टियां शुरू हो गईं। बुधवार को दोबारा अस्पताल लाए जाने पर भी डॉक्टरों ने गंभीरता नहीं दिखाई और दवा देकर भेज दिया। उसी शाम शिवांगी की हालत बिगड़ी और हापुड़ ले जाते समय उसने दम तोड़ दिया।
गुरुवार की शाम साक्षी की भी हालत बिगड़ी और मेरठ ले जाते समय रास्ते में उसकी भी मौत हो गई। परिजनों और ग्रामीणों ने शव लेकर सीएचसी धौलाना पर प्रदर्शन किया। तहसीलदार प्रवेश कुमार के समझाने पर साक्षी के शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
थाना प्रभारी देवेन्द्र सिंह बिष्ट ने बताया कि पीएम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट ना होने के चलते बच्ची के विसरा को सुरक्षित रखते हुए उसे जांच के लिए भेजा जा रहा है। इसके बाद जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
उधर बच्चियों का इलाज करने वाले मेडिकल आफिसर डॉ रोहित ने बताया कि उन पर लापरवाही का आरोप ग़लत है। उस दिन 300 लोगों की ओपीडी देखकर दवाई दी थी, परन्तु सभी ठीक है।
विशेषज्ञों की माने तो दवाई के गलत रिएक्शन करने पर उसका पता साधारण पोस्टमार्टम के माध्यम से नहीं चल पाएगा। दवाइयां से होने वाले दुष्प्रभाव के लिए शरीर के महत्वपूर्ण अंग जैसे लिवर ,किडनी, हृदय, मस्तिष्क की विशेष जांच की जाती है। इसके बाद दवाई आदि के रिएक्शन के बारे में स्पष्ट पता चल पाता है।
सीएमओ डॉ सुनील त्यागी ने बताया कि मामले में जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के बाद दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जायेगी।
उधर परिजनों ने देर रात बच्चीं का गांव में अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस द्वारा अभी तक एफआईआर दर्ज ना होने से परिजनों में रोष व्याप्त है। परिजनों ने एफआईआर व मुआवजे की मांग की है।












