सरस्वती मेडिकल कॉलेज में आयोजित हुआ बेसिक लाइफ सपोर्ट और एडवांस्ड कार्डियक लाइफ सपोर्ट पर प्रशिक्षण कार्यक्रम

सरस्वती मेडिकल कॉलेज में आयोजित हुआ बेसिक लाइफ सपोर्ट और एडवांस्ड कार्डियक लाइफ सपोर्ट पर प्रशिक्षण कार्यक्रम
हापुड़।
सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ हॉस्पिटल में बेसिक लाइफ सपोर्ट और एडवांस्ड कार्डियक लाइफ सपोर्ट पर चार दिवसीय व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वास्थ्यकर्मियों की आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता और जीवनरक्षक दक्षता को सुदृढ़ करना था।
नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट श्रीमती अहल्या ससीदरण के मार्गदर्शन में, डॉ. जितंद्र और डॉ. विवेक ठाकुर ने प्रशिक्षण सत्रों का नेतृत्व किया। चार दिवसीय इस गहन व्यावहारिक प्रशिक्षण में 150 से अधिक नर्सों और तकनीशियनों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को कार्डियक और श्वसन आपातकालीन स्थितियों में आवश्यक जीवनरक्षक हस्तक्षेपों को कुशलतापूर्वक करने का अनुभव प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम में कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेश , कार्डियक अरेस्ट का प्रबंधन, एयरवे मेंटेनेंस, और ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर के प्रभावी उपयोग जैसी महत्वपूर्ण जीवनरक्षक प्रक्रियाओं पर विशेष ध्यान दिया गया। इन अभ्यासों ने प्रतिभागियों के सैद्धांतिक ज्ञान को मजबूत करने के साथ-साथ वास्तविक आपात स्थितियों में तत्पर प्रतिक्रिया देने की उनकी क्षमता को भी बढ़ाया।
इस अवसर पर अहल्या ससीदरण ने कहा कि “चिकित्सीय आपात स्थिति में हर सेकंड महत्वपूर्ण होता है। ऐसे प्रशिक्षण हमारे नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ को नवीनतम जीवनरक्षक तकनीकों से सुसज्जित करते हैं, जो किसी मरीज के जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर तय कर सकते हैं।”
कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. हर्ष शिशोदिया (डिप्टी मेडिकल सुपरिंटेंडेंट) और एन. वरदराजन (जनरल मैनेजर, प्रशासन) द्वारा किया गया। दोनों गणमान्य अतिथियों ने इस पहल की सराहना करते हुए संस्थान की चिकित्सा उत्कृष्टता और सतत कौशल विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराया।
सरस्वती ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के चेयरमैन डॉ. जे. रामचंद्रन एवं वाइस चेयरपर्सन रम्या रामचंद्रन ने पूरे मेडिकल एवं नर्सिंग दल को इस सफल प्रशिक्षण आयोजन के लिए हार्दिक बधाई दी।
इस प्रकार के इन-सर्विस एजुकेशन प्रोग्राम स्वास्थ्य क्षेत्र के व्यावसायिक विकास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जो चिकित्सा कर्मियों को नवीनतम तकनीकों, प्रगतियों और प्रमाण-आधारित जीवनरक्षक प्रक्रियाओं से अवगत कराते हैं। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की सफलता संस्थान की रोगी देखभाल की गुणवत्ता और नैदानिक उत्कृष्टता के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित करती है।












