शक्ति वाटिका मिशन के तहत किया गया वृक्षों का रोपण,
श्री कृष्ण ने भागवत गीता में कहा था मैं वृक्षों में पीपल हूं- भारत भूषण गर्ग
हापुड़।
वन विभाग द्वारा चलाए जा रहे शक्ति वाटिका मिशन के तहत पीपल, अशोक, तुलसी के वृक्षों का रोपण किया गया।
बहादुरगढ़ पुष्पावती पूठ संपर्क मार्ग पर स्थित गंगा नेचुरल फॉर्म में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पर्यावरणविद् भारत भूषण गर्ग ने कहा की भगवान श्री कृष्ण ने गीता के उपदेश में कहा था कि मैं वृक्षों में पीपल हूं इसी से हम समझ सकते हैं कि पीपल के वृक्ष का कितना अधिक महत्व है। पीपल के द्वारा सर्वाधिक मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोषण करते हुए प्राणदायनी ऑक्सीजन का उत्सर्जन किया जाता है।इस पर जल चढ़ाने से पूर्वजो की आत्मा को भी शांति प्राप्त होती है।
गंगा सेवक सम्मान से सम्मानित मूलचंद आर्य ने कहा कि अशोक वाटिका के रूप में हम सभी लोग अशोक के ऐतिहासिक महत्व से परिचित है ही कि जब रावण के द्वारा माता सीता का हरण किया गया था तब उन्हें जिस स्थान पर रखा गया था वहां चहुं ओर अशोक के ही वृक्षों का रोपण हुआ था जिस कारण से उस स्थान का नाम अशोक वाटिका पड़ा था। अशोक हमारे उत्तर प्रदेश का राजकीय वृक्ष भी है।
गढ़मुक्तेश्वर के वन क्षेत्राधिकार करन सिंह ने इस अवसर पर बताया कि यह अभियान पूरे उत्तर प्रदेश में चलाया जा रहा है जिसमें विभिन्न धार्मिक आस्था के वृक्षों का रोपण करके आम जनमानस को शामिल किया जा रहा है।
जिला सहकारी बैंक की पूर्व डायरेक्टर मीनाक्षी भूषण एवं दुर्गा वाहिनी की सहजिला संयोजिका बहन पायल ने शमी के वृक्ष का रोपण करते हुए बताया कि यह वृक्ष अत्यंत ही उष्ण वायु में भी पथिक को छाया पक्षी को भोजन प्रदान करने का कार्य करता है जिसे भगवान शनिदेव का प्रतीक वृक्ष मानकर इसकी पूजा की जाती है। हमारे क्षेत्र में अभी तक किसी भी सार्वजनिक स्थान पर शमी के पेड़ का रोपण नहीं हुआ था।
इस अवसर पर प्रदीप लोधी, गिरीश कुमार चौहान , विनोद कुमार , नारायण सिंह , हरवीर सिंह लोधी, पवन सिंह लोधी, राहुल उपाध्याय , यथार्थ भूषण,वन दरोगा गौरव कुमार शुभम चौहान आदि मौजूद थे।