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हापुड़ में चारों तरफ बिक रहा है मिलावटी घी, तेल, आचार, पनीर व अन्य खाघ सामग्री, लीवर, किडनी व अन्य गंभीर बीमारियों का रहता है खतरा, विभाग कर रहा है लगातार छापेमारी

हापुड़।

जिलें में मिलीभगत के चलते हापुड़ में चारों तरफ बिक मिलावटी घी, तेल, आचार, पनीर व अन्य खाघ सामग्री बिक रही हैं।‌जिससे लीवर, किडनी व अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा बना रहता है।

मिलावट की आशंका के चलते जिले में खाघ विभाग ने घी-तेल के प्रतिष्ठानों पर जमकर छापामारी की गई। इस अभियान में ऐसे घी-तेल की जांच की गई, जो दूसरे राज्यों से बनकर जिले में आ रहे हैं। उनके बिल-बैच नंबर, निर्माण और अवसान तिथि के साथ ही गुणवत्ता की जांच के लिए सैंपल भी लिए गए। जिले में पांच स्थानों से गांव के घी व दो स्थानों से सरसों के तेल के सैंपल लेकर जांच को भेजे गए। जिले में इन घी-तेल को आपूर्ति एमपी, महाराष्ट्र, राजस्थान दिल्ली और हरियाणा से की जा रही है।

इस कार्रवाई से व्यापारियों मेंहड़कंप की स्थिति बनी रही। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के उपायुक्त सुनील कुमार ने बताया कि अभियान के दौरानखासतौर पर उन प्रतिष्ठानों को निशाने पर लिया गया, जहां दूसरे राज्यों से घी और सरसों का तेल मंगाकर बेचा जा रहा है। जांच टीम ने उत्पादों के बिल, बैच नंबर, निर्माण तिथि और समाप्ति तिथि की गहन जांच की। अधिकारियोंने स्पष्ट किया कि बिना मानक के उत्पादों की बिक्री किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान जिले के सात स्थानों से सैंपल लिए गए, जिनमें पांच स्थानों से गाय के देसी घी और दो स्थानों से सरसों केतेल के नमूने शामिल हैं। इन सैंपलों को प्रयोगशाला में जांच के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद मिलावट या मानक में कमी पाए जाने पर संबंधित व्यापारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने कहा कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ नहीं होने दी जाएगी। अभियान आगे भी जारी रहेगा और मिलावटखोरों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।

धौलाना में मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तेलंगाना, हरियाणा और दिल्ली में निर्मित घी व तेल की आपूर्ति पर अब विभाग ने कार्रवाई की है। सहायक आयुक्त द्वितीय सुनील कुमार ने बताया कि विभाग के आयुक्त के आदेश पर धौलाना की जोमैटो हाइपरप्योर प्राइवेट लिमिटेड पर कार्रवाई की गई है। पहली बार प्रदेश में इस प्रकार की कार्रवाई हुई है, जहां दूसरे राज्यों से बनकर पैकिंग में आ रहे घी, खाद्य तेलों की जांच के लिए नमूने लिए गए हैं। मौके से पांच गाय के घी और दो मस्टर्ड ऑयल (तेल) के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं।



दो दवाओं में सॉल्ट मिले कम



हापुड़। संक्रमण को ठीक करने वाली दो दवाओं के नमूने अधोमानक मिले हैं। मोक्सक्लेव सीवी-625 और मोक्सीजॉय-625 एमजी एंटीबॉयोटिक दवाओं में साल्ट कम मात्रा में मिले हैं। हापुड़ की दवा मार्केट और पिलखुवा के जीएस मेडिकल कॉलेज स्थित फॉर्मेसी से नमूने लिए गए थे। जिला औषधि निरीक्षक हेमेंद्र सिंह ने बताया कि हापुड़ के दवा मार्केट स्थित एक होल सेलर के यहां से मोक्सीजॉय 625 एमजी एंटीबॉयोटिक दवा में क्लैवुलैनिक एसिड की मात्रा 90 प्रतिशत की जगह 66.71 प्रतिशत मिली है। इसी प्रकार पिलखुवा के मेडिकल कॉलेज की फार्मेसी से लिए गए मेक्सक्लेव सीवी-625 में एमोक्सिसिलिन की मात्रा 90 प्रतिशत की जगह 85.03 प्रतिशत मिली है। उन्होंने बताया कि दोनों दवाएं खाने योग्य तो हैं, लेकिन सॉल्ट की मात्रा कम होने से मरीज की रिकवरी क्षमता कम हो जाती है। उन्होंने बताया कि एमोक्सिसिलिन बैक्टीरिया को मारता है और क्लैनुलेनिक एसिड बैक्टीरिया द्वारा पैदा किए गए एंजाइम को निष्क्रिय करता है। इससे एंटीबायोटिक की प्रभावशीलता बढ़ जाती है। ये दोनों दवाएं मेरठ की एस्ट्रोन फार्मा लिमिटेड और हरिद्वार की सुपर मैक्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनियां बनाती हैं। जिले के कई चिकित्सक इन दोनों दवाओं को पर्ने पर लिखते हैं। ऐसे में देखभाल कर इस्तेमाल करना चाहिए













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