भूमाफिया का बड़ा फर्जीवाड़ा, 1900 वर्ग मीटर के 6 प्लॉट फर्जी दस्तावेजों से बेच

भूमाफिया का बड़ा फर्जीवाड़ा, 1900 वर्ग मीटर के 6 प्लॉट फर्जी दस्तावेजों से बेच
हापुड़। दिल्ली रोड स्थित रीना विहार में भूमाफियाओं ने दिनदहाड़े फर्जीवाड़ा कर 1900 वर्ग मीटर के 6 प्लॉट बेच दिए। हैरानी की बात यह है कि प्लॉटों की बाउंड्री और गेट लगे होने के बावजूद मालिकों को भनक तक नहीं लगी। तीन विभागों से एनओसी और टैक्स रसीदें होने के बावजूद फर्जी बैनामा चेन बनाकर सौदा कर दिया गया। पीड़ित परिवार ने एसपी और एसडीएम से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।
1986 से परिवार के नाम थे प्लॉट
आलोक कॉलोनी निवासी प्रफुल्ल तापडिया ने बताया कि रीना विहार में वर्ष 1986 में परिवार ने 6 प्लॉट खरीदे थे। इनमें 1 प्लॉट प्रफुल्ल, 1 प्लॉट भाई प्रसन्न तापडिया और 4 प्लॉट माता माया देवी तापडिया के नाम हैं। सभी प्लॉटों की बाउंड्री कर गेट लगाया गया है।
एचपीडीए से नक्शा पास, पीडब्ल्यूडी से एनओसी और नगर पालिका से टैक्स की रसीदें भी हैं। प्रफुल्ल का कहना है कि हर रोज प्लॉट पर आना-जाना रहता है। मार्च 2026 में पता चला कि भूमाफिया ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर सभी 6 प्लॉट किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिए। जब नया खरीदार गेट लगाने पहुंचा तब फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
बिना रकम लिए बनाए फर्जी बैनामे
पीड़ित के अनुसार माफिया इतने शातिर हैं कि बैनामा चेन बनाने के लिए उन्होंने बिना एक रुपये लिए ही रजिस्ट्री कर दी। अब वही भूमाफिया परिवार को धमका रहे हैं और समझौते का दबाव बना रहे हैं। आरोप है कि एक माफिया खुद को जनप्रतिनिधि का करीबी भी बताता है।
कैसे चलता है फर्जी बैनामा चेन का खेल
जिले में भूमाफिया खाली प्लॉटों को निशाना बना रहे हैं। पहले फर्जी कागज तैयार कर प्लॉट बेचते हैं। इसमें नंबर-1 की रकम खाते में और नंबर-2 की रकम कैश ली जाती है। मामला खुलने पर सिर्फ नंबर-1 का पैसा लौटाते हैं और नंबर-2 हड़प लेते हैं। इसी वजह से माफियाओं की नजर लंबे समय से खाली पड़े प्लॉटों पर रहती है।
एसडीएम बोलीं- जांच के बाद कार्रवाई
एसडीएम ईला प्रकाश ने बताया कि _शिकायत के आधार पर मामले का संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस प्रकरण में जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।_
पुलिस ने तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी है। रजिस्ट्री विभाग के रिकॉर्ड और फर्जी दस्तावेजों की जांच की जा रही है।











