फर्ज और धर्म का अनोखा संगम., जिले के दो थाना प्रभारियों की अनूठी पहल,मंदिर में कर रहे सेवा कार्य

फर्ज और धर्म का अनोखा संगम., जिले के दो थाना प्रभारियों की अनूठी पहल,मंदिर में कर रहे सेवा कार्य
-थाना प्रभारियों की पहल को स्थानीय लोगों ने सराहा
,हापुड़ ।
जनपद के दो थाना प्रभारियों ने ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया है,जो न सिर्फ पुलिस विभाग की छवि को नयी दिशा दे रहा है,बल्कि आमजन के बीच पुलिस के प्रति विश्वास और आत्मीयता भी बढ़ा रहा है। एक ओर जहां ये अधिकारी कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिन-रात कार्यरत हैं,वहीं दूसरी ओर अपनी व्यक्तिगत श्रद्धा और सामाजिक जिम्मेदारी के तहत वे धार्मिक स्थल पर स्वेच्छा से सेवा कार्य भी कर रहे हैं। जिसकी स्थानीय लोग सराहना भी कर रहे है।
यह सेवा कार्य हापुड़ देहात थाना परिसर स्थित प्राचीन बजरंगबली मंदिर में किया जा रहा है। प्रत्येक सुबह थाना हाफिजपुर प्रभारी आशीष कुमार और थाना हापुड़ देहात प्रभारी विजय गुप्ता स्वयं मंदिर पहुंचते हैं। वह न सिर्फ वहां साफ-सफाई करते हैं,बल्कि श्रद्धालुओं की सुविधा और व्यवस्था का भी पूरा ध्यान रखते हैं। दोनों अधिकारी झाड़ू लगाना, मंदिर परिसर की सफाई करना और अन्य सेवा कार्य करना अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना चुके हैं।
दोनों थाना प्रभारियों का कहना है कि यह कार्य केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है। यह एक सामाजिक संदेश है,कि कोई भी कार्य छोटा नहीं होता, और सेवा का भाव ही सबसे बड़ा धर्म है। उनके अनुसार पुलिस की ड्यूटी केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना नहीं,बल्कि समाज में सकारात्मकता और सहयोग की भावना को भी मजबूत करना है।
थाना प्रभारी विजय गुप्ता ने बताया कि उन दोनों ने मिलकर यह तय किया कि अपने दिन की शुरुआत सेवा से की जाए। इससे न केवल मानसिक शांति मिलती है, बल्कि आम जनता को यह संदेश भी जाता है कि पुलिस का कार्य सिर्फ सख्ती दिखाना नहीं, बल्कि सेवा करना भी है।
थाना प्रभारी आशीष कुमार का कहना है,कि मंदिर की सफाई हमारे लिए किसी पूजा से कम नहीं। यह पहल हमारे लिए आत्मिक संतोष का स्रोत है और समाज के लिए एक सकारात्मक उदाहरण है।
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पुलिस की छवि को नया आयाम
इन थाना प्रभारियों की यह पहल पुलिस विभाग के लिए भी एक प्रेरणादायी कदम है। इससे विभागीय छवि में बदलाव आ रहा है और पुलिसकर्मियों को यह संदेश मिल रहा है कि सामाजिक जुड़ाव से कानून व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया जा सकता है। पुलिस विभाग की यह ह्यूमन फेस वाली छवि जनता के दिलों को छू रही है। इसके साथ ही,इस पहल से अन्य शासकीय व सामाजिक संस्थानों को भी प्रेरणा मिल रही है कि जनसेवा के मार्ग में धर्म और कर्तव्य का संतुलन भी बनाया जा सकता है।












