हापुड़ जिला अस्पताल में हंगामा: बीमार बेटी को दिखाने आई भाकियू महिला जिलाध्यक्ष ने लगाया बंधक बनाने का आरोप, सीएमएस ने किया खंडन

हापुड़।
जिला अस्पताल में उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया जब भारतीय किसान यूनियन तोमर की महिला जिलाध्यक्ष मोनिका खटीक ने सीएमएस समेत स्टाफ पर उन्हें डेढ़ घंटे तक कार्यालय में बंधक बनाए रखने का आरोप लगाया। मामले में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए हैं।
असौड़ा निवासी मोनिका खटीक अपनी बेटी अनुष्का को पेट संक्रमण की शिकायत पर जिला अस्पताल लेकर पहुंची थीं। मोनिका का आरोप है कि चिकित्सक ने पर्चे पर बाहर की दवाएं लिख दीं। अस्पताल की फार्मेसी में दवाएं न मिलने पर वह सीएमएस से शिकायत करने पहुंचीं।
मोनिका खटीक का कहना है कि सीएमएस कार्यालय में पहले सीएमएस नहीं मिलीं। स्टाफ ने टालमटोल की। बाद में सीएमएस के आने पर समस्या का समाधान करने की बजाय उनसे पूर्व में की गई शिकायतों पर समझौते संबंधी कागज पर हस्ताक्षर करने को कहा गया। आरोप है कि उन्हें करीब डेढ़ घंटे तक कार्यालय से बाहर नहीं निकलने दिया गया।
इस दौरान मोनिका ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर खुद को छुड़ाने की गुहार लगाई। वीडियो संगठन तक पहुंचा तो पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। वीडियो में सीएमएस उन्हें समझाती नजर आईं, लेकिन बाद में फोन को लेकर छीनाझपटी भी हुई।
मोनिका ने बताया कि उन्होंने पहले सीडीओ कार्यालय में जिला अस्पताल की 17 बिंदुओं पर खामियों की शिकायत की थी। उसी को लेकर स्टाफ उनसे द्वेषभाव रखता है। उन्होंने कहा कि संगठन के पदाधिकारी शुक्रवार को डीएम से मिलकर मामले की शिकायत करेंगे।
वहीं सीएमएस डॉ. हेमलता ने सभी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा, “पर्चे पर कोई दवा बाहर की नहीं लिखी थी, इसकी जांच कर ली गई है। महिला ने जानबूझकर कार्यालय में हंगामा किया। मेरे अलावा स्टाफ के कई अन्य लोग भी वहां मौजूद थे। गलत तरीके से वीडियो बनाने को लेकर महिला को जरूर टोका था। बंधक बनाने का आरोप गलत है। इनके द्वारा आए दिन कार्य में बाधा पहुंचाई जाती है।”
फिलहाल मामला अधिकारियों के संज्ञान में है। पुलिस ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली











