महिला जागृति फाउंडेशन ने CDO से की मुलाकात, ग्रामीणों की समस्याएं उठाईं,”विकास तब पूरा होगा जब गांव का अंतिम व्यक्ति भी मुख्यधारा से जुड़े” – गीता पैट्रिक

महिला जागृति फाउंडेशन ने CDO से की मुलाकात, ग्रामीणों की समस्याएं उठाईं,”विकास तब पूरा होगा जब गांव का अंतिम व्यक्ति भी मुख्यधारा से जुड़े” – गीता पैट्रिक
हापुड़ (यथार्थ अग्रवाल मुन्ना)। महिला जागृति फाउंडेशन की संस्थापक गीता पैट्रिक के नेतृत्व में फाउंडेशन की टीम ने बुधवार को मुख्य विकास अधिकारी से मुलाकात कर ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को विस्तार से उनके सामने रखा।
ग्रामीणों की आवाज बनी फाउंडेशन
गीता पैट्रिक ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी कई लोग सरकारी योजनाओं की जानकारी के अभाव में और अपने अधिकारों को न जानने के कारण मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। कई जरूरतमंदों की समस्याएं संबंधित विभाग तक पहुंच ही नहीं पातीं।
इसी को लेकर फाउंडेशन ने CDO के सामने कुछ पीड़ित परिवारों की समस्याएं और ग्रामीण विकास से जुड़े अहम मुद्दे रखे।
“आरोप नहीं, समाधान हमारा लक्ष्य”
गीता पैट्रिक ने कहा, “हमारा उद्देश्य किसी पर आरोप लगाना नहीं है। हमारा मकसद है कि समस्या सामने आए, वो अधिकारियों तक पहुंचे और नियम-कानून के दायरे में उसका समाधान हो। विकास तभी पूरा माना जाएगा जब गांव का अंतिम व्यक्ति भी विकास की मुख्यधारा से जुड़ जाएगा।”
उन्होंने कहा कि शहरों की तुलना में ग्रामीण इलाकों में लोगों को आज भी छोटी-छोटी सरकारी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ता है। महिला जागृति फाउंडेशन इसी दूरी को कम करने का प्रयास कर रहा है।
CDO ने दिए आश्वासन
मुलाकात के दौरान CDO ने फाउंडेशन की बातों को गंभीरता से सुना और ग्रामीण समस्याओं के निस्तारण के लिए उचित प्रक्रिया अपनाने का आश्वासन दिया
जरूरतमंदों से अपील
गीता पैट्रिक ने कहा, “जो भी लोग किसी समस्या से परेशान हैं, वे अपनी बात सही माध्यम से प्रशासन तक पहुंचाएं। महिला जागृति फाउंडेशन अपनी क्षमता और नियमों के दायरे में रहकर उनकी आवाज को आगे पहुंचाने में सहयोग करेगा।”
फाउंडेशन का संकल्प
महिला जागृति फाउंडेशन का संकल्प है –
“जहां जरूरत होगी वहां आवाज उठाएंगे। जहां समस्या होगी वहां समाधान के लिए प्रयास करेंगे। और जहां कोई जरूरतमंद होगा वहां मानवता के साथ खड़े होंगे।”













