रामकथा: राम का जीवन हमें देश, समाज, परिवार के लिए त्याग की सीख देता है: अतुल कृष्ण

रामकथा: राम का जीवन हमें देश, समाज, परिवार के लिए त्याग की सीख देता है: अतुल कृष्ण
हापुड़। श्री सियाराम सेवा विचार मंच के तत्वावधान में मंगल भवन में चल रही रामकथा के सातवें दिन कथा व्यास अतुल कृष्ण भारद्वाज ने अपने कुल की मर्यादा को ध्यान में रखकर व अपने पिता के वचन की रक्षा के लिए प्रसन्न होकर सारा राज-पाट त्याग कर वन चले गये। इससे हमें सीख लेनी चाहिए कि हमें स्वयं की चिंता न करते हुए यदि जरूरत पड़े तो अपने परिवार, समाज व देश के लिए सब कुछ त्याग देना चाहिए।
उन्होंने विविध चौपाईयों के माध्यम से कहा है कि राजा दशरथ दपर्ण में अपना बुढापा देखकर यह निर्णय लिया है कि अपने समस्त राजपाठ को राम को सौंपकर हमें तपस्या करने चल देना चाहिए भगवान की भक्ति में मन लगाना चाहिए। वर्तमान परिस्थितियों पर प्रकाश डालते हुए उन्होने कहा कि आज के बुजुर्गों को राजा दशरथ से प्रेरणा लेनी चाहिए और शरीर में ताकत रहते ही व आंख की रोशनी रहते ही सारी जिम्मेदारी अपने उत्तराधिकारी को सौंपकर भगवान के सुमिरन में लग जाना चाहिए। राजा दशरथ ने अयोध्या वासियों के समक्ष श्रीराम के राज्याभिषेक का प्रस्ताव रखा मगर यह कार्य कल पर छोड दिया परिणाम काफी दुःखद रहा। इसलिए अच्छे कार्यों को टालने की जगह शीघ्र करना ही श्रेयष्कर होता है।
उन्होंने कहा कि सभी को सदैव प्रसन्न रहने की प्रेरणा भगवान राम से लेनी चाहिए। भगवान जहां भी रहते हैं प्रसन्न रहते हैं, दुःख उनसे कोसों दूर रहता है। कौशिल्या पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बेटे को वनवास होने के बावजूद भी उन्हें अपने पति की वचन याद रहे। उन्होेंने कहा कि भाई हो तो लक्ष्मण जैसा जब राम वनवास जा रहे थे तब लक्ष्मण ने अपनी माता से कहा कि में भी वनवास जाना चाहता हूँ, तो माँ ने कहा कि मैं तो सिर्फ जन्म ही दी हूँ लेकिन असली माता-पिताश्री सीताराम हैं। लक्ष्मण भाई राम के प्रति समर्पित थे। भाई हो तो लक्ष्मण जैसा।
इसके बाद उन्होंने राम सीता व लक्ष्मण के वन गमन का प्रसंग सुनाकर सभी श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। उन्होेंने कह कि हम सभी को उस धर्म मार्ग पर चलने का चिन्तन मनन करना चाहिए। इस दौरान अशोक चौकड़ायत, सुभाष, संजीव गोयल, राकेश वर्मा, अनिल अग्रवाल, कपिल सिंघल, एसएम, सचिन सिंघल, एसएम, आरके गुप्ता, अतुल चौकड़ायत, अजय गोयल, मनोज बाल्मीकि आदि मौजूद रहे।












