25 भी से शुरू होगा नौतपा, भीषण गर्मी व लू चलने का अनुमान,रखनी होगी सावधानी

हापुड़।
वर्ष 2026 का नौतपा 25 मई से शुरू होकर 2 जून तक रहेगा। मौसम विशेषज्ञ डॉ. सुनील पांडेय के अनुसार इस बार नौतपा के दौरान उत्तर और मध्य भारत में भीषण गर्मी और प्रचंड लू का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग और पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार यह साल का सबसे अधिक गर्म दौर माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार जब सूर्य वृषभ राशि में भ्रमण करते हुए रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है, तब शुरुआती नौ दिनों को नौतपा कहा जाता है। माना जाता है कि इस दौरान सूर्य की तीव्र ऊर्जा पृथ्वी पर अधिक असर डालती है। वहीं वैज्ञानिक दृष्टिकोण से इस समय सूर्य की किरणें भारत के बड़े हिस्से पर लगभग सीधी पड़ती हैं, जिससे तापमान तेजी से बढ़ जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक इस बार दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में तापमान 45 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। कुछ इलाकों में पारा 50 डिग्री के करीब भी दर्ज होने की आशंका जताई गई है। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक चलने वाली गर्म और शुष्क हवाएं लोगों के लिए परेशानी बढ़ा सकती हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि नौतपा का सीधा संबंध मानसून से भी माना जाता है। जितनी अधिक गर्मी पड़ेगी, उतना मजबूत कम दबाव का क्षेत्र बनेगा, जो समुद्र से नमी वाली मानसूनी हवाओं को तेजी से आकर्षित करेगा। इससे अच्छी बारिश की संभावना बढ़ती है। हालांकि यदि नौतपा के दौरान लगातार आंधी और बारिश होती रही तो मानसून कमजोर पड़ सकता है या देरी से पहुंच सकता है।
क्या होता है नौतपा?
नौतपा का मतलब ऐसे 9 दिन से होता है जब धरती पर सबसे ज्यादा गर्मी महसूस होती है। ज्योतिष मान्यताओं के मुताबिक, इस दौरान
सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं। यही वजह है कि तापमान तेजी से बढ़ जाता है और गर्मी अपने चरम पर पहुंच जाती है।
पुराने समय से लोग कहते आए हैं कि अगर नौतपा के पूरे दिन अच्छी गर्मी पड़े तो बारिश भी अच्छी होती है। वहीं बीच में मौसम बदल जाए या बारिश हो जाए तो इसे सामान्य नहीं माना जाता।
क्यों खास माने जाते हैं ये 9 दिन?
ज्योतिष में नौतपा को सूर्य से जोड़कर देखा जाता है। कहा जाता है कि इस समय सूर्य की किरणें सीधे धरती पर ज्यादा असर डालती हैं। इसी वजह से गर्मी बढ़ जाती है। कई लोग इन दिनों को तप और दान के लिए भी शुभ मानते हैं।
गांवों और छोटे शहरों में आज भी लोग नौतपा को मौसम बदलने का संकेत मानते हैं। किसानों के बीच भी इसे लेकर अलग मान्यताएं देखने को मिलती हैं।
नौतपा में क्या करना शुभ माना जाता है?
मान्यता है कि इन दिनों सूर्य देव की पूजा करने से शुभ फल मिलते हैं। सुबह जल्दी उठकर स्नान के बाद सूर्य को जल चढ़ाना अच्छा माना जाता है। कई लोग तांबे के लोटे से अर्घ्य देते हैं।इसके अलावा जरूरतमंद लोगों को पानी पिलाना, पक्षियों के लिए पानी रखना और गुड़, गेहूं या लाल कपड़े का दान करना भी शुभ माना जाता है। कुछ लोग सूर्य गायत्री मंत्र और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ भी करते हैं।
सेहत का रखें ध्यान
नौतपा के दौरान गर्मी काफी तेज हो जाती है। ऐसे में सेहत का ध्यान रखना जरूरी माना जाता है। ज्यादा देर धूप में रहने से बचना चाहिए। पानी ज्यादा पीना और हल्का खाना खाना बेहतर रहता है। बाहर निकलते समय सिर ढककर निकलना भी जरूरी माना जाता है।











