हापुड़ नगर पालिका हाल बेहाल: अनियमितताओं की शिकायत पर होर्डिंग के टेंडर निरस्त ,मचा हड़कंप

हापुड़।
नगर पालिका द्वारा जारी किए गए होर्डिंग के दो टेंडर अनियमितताओं के कारण रद्द कर दिए गए हैं। जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। ईशान इंजीनियर्स एंड बिल्डर्स और आरती इंटरप्राइजेज को दिए गए इन टेंडरों में नियमों का उल्लंघन पाया गया था।
दरअसल, आरती इंटरप्राइजेज की शिकायत के बाद डीएम अभिषेक पांडेय ने दोनों टेंडर की फाइलें तलब कीं। जांच में सामने आया कि टेंडर जारी करते समय पालिका के अधिकारियों ने निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया। ईशान कंपनी को एक जनप्रतिनिधि के मौखिक आदेश पर साढ़े तीन साल की अवधि का टेंडर दिया गया था। वहीं, आरती इंटरप्राइजेज को हाईवे के डिवाइडर पर होर्डिंग लगाने की अनुमति न्यायिक आदेश का हवाला देकर दी गई, जबकि पूर्व में इस पर प्रतिबंध था।
महत्वपूर्ण बात यह है कि दोनों में से किसी भी टेंडर को नगर पालिका की बोर्ड बैठक में अनुमोदित नहीं कराया गया था। टेंडर प्रक्रिया में वित्तीय अनियमितताएं भी सामने आईं। दोनों कंपनियों से वसूले गए शुल्क में भारी अंतर पाया गया। ईशान कंपनी से शुल्क वसूली की उचित प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ, जबकि आरती कंपनी ने निर्धारित राशि का केवल दस प्रतिशत ही जमा कराया था। जिले के पूर्व जिलाधिकारी ने हाईवे पर होर्डिंग लगाने पर रोक लगाई थी, लेकिन नए आदेशों के तहत इन फाइलों को दरकिनार कर दिया गया। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि अवैध रूप से होर्डिंग लगाने के इस मामले में पालिका के अधिकारी, एक जनप्रतिनिधि और पीडब्ल्यूडी के अधिकारी शामिल थे।
जांच रिपोर्ट में मानकों के विपरीत टेंडर जारी होने की पुष्टि हुई। इसके बाद डीएम के आदेश पर पालिका ने तत्काल दोनों टेंडर निरस्त कर दिए। इस अनियमितता से नगर पालिका को लाखों रुपये का वित्तीय नुकसान हुआ है। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों द्वारा टेंडर प्रक्रिया में किए गए अवैध हस्तक्षेप को लेकर अब उच्च न्यायालय में भी शिकायत दर्ज कराई गई है।
ईओ संजय मिश्रा ने बताया कि फिलहाल टेंडर निरस्त किए गए हैं।












