सीए ने लगाए बीईओ पर वित्तीय अनियमितता का लगाया आरोप, की जांच की मांग

सीए ने लगाए बीईओ पर वित्तीय अनियमितता का लगाया आरोप, की जांच की मांग
हापुड़। न्यू शिवपुरी निवासी सीए ने खंड शिक्षा अधिकारी पर अनियमितता का आरोप लगाते हुए अपर शिक्षा निदेशक को शिकायती पत्र सौंपा है। सीए हर्ष ने पत्र में आरोप लगाया है कि खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा फर्जी बिल एवं भुगतान में अनियमितता की गई है। स्थानीय सप्लायरों को बिना टेंडर प्रक्रिया और बिना सक्षम स्वीकृति के कार्य आदेश देकर भुगतान किया गया, जो वित्तीय नियमों की स्पष्ट अवहेलना है।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि फर्जी बिल एवं भुगतान में अनियमितता:
अप्रैल 2023 से फरवरी 2025 के बीच कार्यालय मदों, स्टेशनरी, फर्नीचर, पुताई कूलर खरीद आदि में किए गए खर्चों में फर्जी बिलों के माध्यम से लाखों रुपये की अवैध निकासी की गई।
मनमानी आपूर्ति आदेश एवं भुगतान:
स्थानीय सप्लायरों को बिना टेंडर प्रक्रिया और बिना सक्षम स्वीकृति के कार्य आदेश देकर भुगतान किया गया, जो वित्तीय नियमों की स्पष्ट अवहेलना है।
विकास क्षेत्र स्तरीय बैठकों में कभी जलपान न कराने के बावजूद नाश्ते के खर्च के फर्जी बिल:
पिछले दो वर्षों में इनके द्वारा मासिक बैठकों में कभी भी जलपान की व्यवस्था नहीं की गई परंतु प्रत्येक बैठक में प्रति व्यक्ति 20 रुपए के फर्जी बिल लगाए गए हैं। जिसकी पुष्टि ब्लॉक के सभी HM से की जा सकती है।
नकद लेन-देन में पारदर्शिता का अभाव:
कई मामलों में नकद भुगतान कराए गए, जिनका अभिलेखीय या बैंकिंग रिकॉर्ड अनुपस्थित है।
शासकीय कार्यक्रमों की मदों में मनमानी व्यय:
विभिन्न प्रशिक्षण, ब्लॉक स्तरीय कार्यक्रम, क्विज प्रतियोगिता, शैक्षिक भ्रमण एवं अन्य आयोजनों में फर्जी व्यय दिखाकर सरकारी निधि का दुरुपयोग किया गया।
प्राथमिक साक्ष्य (उपलब्ध):
सत्यापित बिल प्रतियाँ, नकली रसीदें एवं आपूर्ति की अनुपस्थिति के प्रमाण।
यदि इस प्रकरण की शीघ्र, निष्पक्ष एवं वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में जांच न की गई, तो यह पूरे जिले की प्रशासनिक साख एवं वित्तीय अनुशासन के लिए घातक सिद्ध होगा।
उन्होंने कहा कि बीईओ के विरुद्ध उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की जाए,समस्त संदिग्ध भुगतान, आदेश व नियुक्तियों की ऑडिट/फोरेंसिक जांच कराई जाए,जांच अवधि में उन्हें पद से हटाया जाए ताकि निष्पक्ष जांच प्रभावित न हो। दोष सिद्ध होने पर उनके विरुद्ध कठोर प्रशासनिक व दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
हांलांकि इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी ने सभी आरोपों को ग़लत व मनगढ़ंत बताया है।












