शिवरात्रि पर जलाभिषेक 23 जुलाई को सुबह 5:39 बजे से रात्रि 2:29 बजे तक होगा:पंडित केसी पांडेय

शिवरात्रि पर जलाभिषेक 23 जुलाई को सुबह 5:39 बजे से रात्रि 2:29 बजे तक होगा:पंडित केसी पाण्ेडय
,हापुड़ ।
भारतीय ज्योतिष कर्मकांड महासभा के अध्यक्ष ज्योतिर्विद पंडित केसी पाण्ेडय ने श्रावण शिवरात्रि पर होने वाले कावड़ जलाभिषेक मुहूर्त एवं पूजन विधि की विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए कावड़ यात्रा को नशा मुक्त रखने का आह्वान किया गया।
मंगलवार को प्राचीन सबली शिव मंदिर में महासभा अध्यक्ष ज्योतिर्विद पंडित के0 सी0 पाण्डेय पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आगामी
श्रावण मास 11 जुलाई से प्रारम्भ होकर 9 अगस्त तक रहेगा,जिसमें भगवान भोलेनाथ के विशेष पूजन हेतु 4 सोमवार (14 जुलाई, 21 जुलाई, 28 जुलाई एवं 4 अगस्त ) 2 प्रदोष तिथि (22 जुलाई एवं 6 अगस्त ) नागपंचमी 29 जुलाई,अमावस्या 24 जुलाई तथा पूर्णिमा 09 अगस्त को रहेगा।
उन्होंने कहा कि श्रावण महीने में देवाधिदेव महादेव भोलेनाथ का प्रमुख पर्व श्रावण शिवरात्रि कावड़ जलाभिषेक 23 जुलाई को सूर्योदय के साथ सुबह 5 बजकर 39 मिनट से प्रारम्भ होगा,जो देर रात्रि 2 बजकर 29 मिनट तक किया जा सकता है। शिवालय में जलाभिषेक करते समय बैठकर यदि संभव नहीं हो तो झुककर ही जल चढ़ाना चाहिए,तथा मस्तक पर त्रिपुण्ड (तिलक ) लगा होना चाहिए गंगाजल को लेकर उत्तर की ओर मुख करके सबसे पहले भगवान गणेश जी उसके बाद कार्तिकेय जी फिर नंदीजी, पार्वती जी और अंत में शिवलिंग पर जल चढ़ाए,साथ ही मन ही मन नम: शिवाय मंत्र का जप करते रहे।
प्रवक्ता पंडित आशीष पोखरियाल ने बताया कि महासभा द्वारा सभी प्रमुख मंदिरों में कावड़ जलाभिषेक के सम्बन्ध जानकारी हेतु फ्लैक्सी लगाया जाएगा तथा गंगा तट व रास्तों पर भी नशामुक्ति एवं स्वच्छता जागरूकता के लिए अभियान चलाया जाएगा।
डॉ0 करुण शर्मा ने कहा कि शिवालय में शिवलिंग के अतिरिक्त अन्य मूर्ति नहीं है,तो सबसे पहले पूर्व फिर दक्षिण,पश्चिम,उत्तर और अंत में शिवलिंग पर जल चढ़ाए शिवरात्रि के दिन 4 पहर की पूजा का भी विशेष महत्त्व है जो समस्त पापों का नाश करके उत्तम फल प्रदान करता है।
इस अवसर पर महासभा के महामंत्री अनिशा सोनी पाण्डेय,शिव मंदिर के पुजारी सोनेलाल मिश्रा, उपाध्यक्ष गौरव कौशिक,मंत्री देवी प्रसाद तिवारी, छपकौली मंदिर के पुजारी महेश पूरी,हनुमान मंदिर मिलक के पुजारी जगदम्बा शर्मा,राम मंदिर के पुजारी पंडित सर्वेश तिवारी,असौढ़ा मंदिर के पुजारी पंडित राहुल शर्मा,पंडित शिवम शास्त्री,पंडित श्याम मिश्रा,पंडित गोपाल,पंडित पवन आदि उपस्थित रहे।












