महिला जागृति फाउंडेशन के तत्वावधान में मनाई गई सावित्रीबाई फुले जयंती

हापुड़। महिला_जागृति_फाउंडेशन के पदाधिकारी ने ग्राम हरसिंहपुर जिला हापुड (उत्तर प्रदेश) में पहली बार भारत की प्रथम शिक्षिका माता सावित्रीबाई का जयंती समारोह मनाते हुए।
इस सभा में सैनी समाज के लोग ज्यादा संख्या में भाग लिए और सभी समाज के लोग उपस्थित रहे।
महिला जागृति फाउंडेशन की राष्ट्रीय अध्यक्षा गीता पैट्रिक जी ने अपने संबोधन में बताया कि (नारी को कमजोर ना समझो, ये है रत्न खदान की बेटी भारत की)
3 जनवरी को भारत की प्रथम महिला शिक्षिका क्रांति ज्योति सावित्रबाई फूले जी की जयंती, जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन समाज की कुरीतियां को मिटाने, और शोषित वंचित वर्ग विशेष कर दलित बेटियों की शिक्षा के लिए समर्पित कर दिया। जब उस समय छोटी बच्चीयों को पढ़ाना पाप माना जाता था। जब विधवा विवाह और छूआछूत के खिलाफ बोलना अपराध समझा जाता था। तब सावित्री बाई फूले जी हाथों में किताबे लेकर स्कूल निकली तो, रास्ते में उन पर पत्थर फेंके गए, कीचड़ डाला गया, गालियां दी गई लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने समाज को संदेश दिया स्वाभिमान से जीने के लिए पढाई करो क्योंकि शिक्षा हो स्त्री का सच्चा गहना है। आज जिन लडकियों के हाथ में कलम है, उसके पीछे सावित्री बाई फूले जी का संघर्ष है। शिक्षा की देवी, समाजिक क्रांति की अग्रदूत सावित्री बाई फूले जी को उनकी जयंती पर उन्हे शत शत नमन ।
सभा में सैकड़ो लोगों की उपस्थिति रही बच्चे,महिला और पुरुष नत्थी सैनी, रामकुमार सैनी, जगवीर सिंह, नरेन्द्र सैनी, राजेंद्र सैनी, किशन लाल सैनी, सतीश सैनी, आदि समारोह में सभी उपस्थित रहे।












