सीतापुर के दो बच्चों को घर में बंद करके बाल मजदूरी करवा रहा था सिपाही, बाहर छोड़ देता था खूंखार कुत्ते, मुक्त करवाया

हापुड़।
थाना बाबूगढ़ क्षेत्र में एक सिपाही के घर में सीतापुर के दो बच्चों से बाल मजदूरी करवाकर गेट पर कुत्तों को छोड़ने की सूचना पर पुलिस ने दोनों बच्चों को मौके पर पहुंच मुक्त करवाया।
थाना बाबूगढ़ के गांव होशियारपुर में में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट, चाइल्ड हेल्पलाइन ने दो बच्चे 14 और 12 वर्ष के हैं। जो सीतापुर जिले के निवासी हैं। वे पिछले 15 महीनों से प्रमोद, रामचंद्र और रामचरण के परिवार के लिए काम कर रहे थे। उत्तर प्रदेश पुलिस में हेड कांस्टेबल सचिन उन्हें सीतापुर से हापुड़ लाए थे। वर्तमान में वो बिजनौर में तैनात हैं। बच्चों ने बताया कि उन्हें पर्याप्त भोजन और कपड़े नहीं दिए जाते थे और उनके काम का कोई भुगतान
नहीं किया गया। उन्हें अपने माता-पिता से बात करने की अनुमति नहीं थी। वे सुबह पांच बजे से रात 11 बजे तक कठिन कार्य करते थे और रात में गाली-गलौज तथा मारपीट का सामना करते थे। इस कार्रवाई में विधि सह परीक्षा अधिकारी रविंद्र कुमार, बाल कल्याण समिति के डेटा विश्लेषक मुकेश कुमार, चाइल्ड हेल्पलाइन के सुपरवाइजर जीतू गंगवार, एएचटीयू के उप-निरीक्षक लीलाराम मीणा और महिला आरक्षी निकिता तोमर शामिल थे। दोनों बच्चे अब बाल कल्याण समिति हापुड़ के संरक्षण में हैं, जो उनके पुनर्वास के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है। बच्चों ने अपने परिवार के पास लौटने की इच्छा व्यक्त की है।












