आसमान से बरसने लगी आग,सडक़ों पर पसरा सन्नाटा, तापमान पहुंचा करीब 40 डिग्री

-गर्मी से बचाव को मुंह पर कपड़ा ढककर चलने को मजबूर-शीतल पेय पदार्थों की बढ़ी बिक्री,बीमारियों में भी होने लगा
हापुड़।
गत अप्रैल माह में पारा चढऩे से गर्म हवाओं(लू) के चलने से लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया हैं। आसमान से आग बरसने के कारण दोपहर में सडक़ों व बाजारों में सन्नाटा पसरने लगा हंै। गर्मी बढऩे से बीमारियां भी बढऩे लगी हैं। वहीं गर्मी से बचाव के लिए बुजुर्ग व महिलाएं मुंह पर कपड़ा ढककर व छाता लेकर चलने को मजबूर है। मौसम विभाग की मानें तो आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ेगी।
अप्रैल माह के शुरू से ही गर्मी ने अपना असली रूप दिखाना शुरू कर दिया है। मंगलवार की दोपहर में पारा करीब 40 डिग्री पहुंच गया। भीषण गर्मी के साथ चल रही गर्म हवाओं से जन जीवन पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। गर्म हवाओं के चलने से लोगों ने दोपहर के समय घरों से निकलना भी बंद कर दिया है। जिससे दोपहर में सडक़े व बाजार सूने हो जाते है। आसमान से बरस रही लाग से राष्टï्रीय राजमार्ग व स्टेट हाइवे पर कफ्र्यू जैसे हालात देखने को मिल रहे हैं।
तपती गर्मी व चिलचिलाती धूप में दुपहिया वाहन चालकों को मुंह पर कपड़ा बांधकर सफर करनेके लिए मजबूर होना पड़ रहा हंै। तो नौकरी करने वाली व छात्राएं धूप से बचने के लिए छाते व चेहरे पर सूती कपड़ा बांध कर घरों से निकल रही हैं। गर्मी बढऩे से शीतल पेय पदार्थों की बिक्री में बढ़ोत्तरी हुई है। गर्मी से बचने के लिए लोग शीतल पेय पदार्थों का सहारा ले रहे हैं।
दूसरी और इस भीषण गर्मी से बीमारियांं भी बढ़ रही है। जैसे उल्टी दस्त व टाइफाएड जैसी बीमारियों की चपेट में छोटे बच्चों साथ-साथ बड़े लोग भी आने शुरू हो गये है। जिसका प्रमाण प्रतिदिन गढ़ रोड स्थित सरकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में देखने को मिल सकता है। जहां रोजाना विभिन्न बीमारियों के सैकड़ों मरीज उपचार कराने आ रहे है।
गौरतलब है,कि मौसम विभाग की मानें तो आने वाले दिनों में दिन का तापमान और बढ़ेगा। हिदायत है,कि दोपहर में जरूरी काम होने पर घरों से निकले। अगर दोपहर में घर से निकलना ही है,जो मुंह पर कपड़ा बांधकर निकले।











