उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ की प्रदेशव्यापी बैठक: महिला शिक्षकों के अधिकारों और हितों की रक्षा हेतु ऐतिहासिक कदम -प्रदेशाध्यक्ष सुलोचना मौर्य

उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ की प्रदेशव्यापी बैठक: महिला शिक्षकों के अधिकारों और हितों की रक्षा हेतु ऐतिहासिक कदम -प्रदेशाध्यक्ष सुलोचना मौर्य
लखनऊ, : उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी द्वारा आज लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया ट्रांजिट हॉस्टल में एक महत्वपूर्ण प्रदेशव्यापी बैठक एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस बैठक में प्रदेश कार्यसमिति, मंडलीय समिति, सभी जिलों से जिला अध्यक्षों, महामंत्रियों सहित महिला शिक्षक प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। संगठन की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती सुलोचना मौर्य की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में महिला शिक्षकों के अधिकारों, उनकी समस्याओं और उनके समाधान हेतु रणनीति पर गहन चर्चा हुई।
श्रीमती मौर्य ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि यह बैठक न केवल शिक्षक समुदाय, बल्कि विशेष रूप से महिला शिक्षकों के सम्मान और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा बेसिक शिक्षा विभाग के सेवारत शिक्षकों के हित में लिए गए ऐतिहासिक निर्णय की प्रशंसा की। माननीय मुख्यमंत्री जी ने TET अनिवार्यता से संबंधित माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश के खिलाफ रिवीजन याचिका दाखिल करने का निर्देश देकर शिक्षक समुदाय के प्रति अपनी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता का परिचय दिया है।
उन्होंने बल देकर कहा कि उत्तर प्रदेश के शिक्षक, विशेषकर महिला शिक्षक, न केवल अत्यंत अनुभवी और समर्पित हैं, बल्कि सरकार द्वारा समय-समय पर आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से उनकी व्यावसायिक दक्षता में निरंतर वृद्धि हो रही है। उनकी दीर्घकालिक सेवा, शिक्षा के प्रति समर्पण और समाज में उनके योगदान को नजरअंदाज करना न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था के लिए भी हानिकारक हो सकता है।
महिला शिक्षकों की समस्याएं और समाधान की दिशा में प्रयास
बैठक में महिला शिक्षकों के समक्ष आने वाली प्रमुख समस्याओं जैसे कार्यस्थल पर सुरक्षा, स्थानांतरण नीति में पारदर्शिता, मातृत्व अवकाश और अन्य सुविधाओं की कमी, तथा कार्य-जीवन संतुलन जैसे मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। श्रीमती मौर्य ने जोर देकर कहा कि महिला शिक्षक न केवल शिक्षा के क्षेत्र में रीढ़ की हड्डी हैं, बल्कि समाज के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसलिए, उनकी समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान अत्यंत आवश्यक है।
इसके अतिरिक्त, संगठन ने सरकार से मांग की कि महिला शिक्षकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम, सुरक्षित कार्य वातावरण, और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने वाली नीतियों को और सशक्त किया जाए। संगठन ने यह भी प्रस्ताव रखा कि शिक्षकों की योग्यता और अनुभव को मान्यता देने वाली नीतियों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि उनकी सेवाओं का सम्मान हो और शिक्षा व्यवस्था में उनकी भूमिका को और मजबूती मिले।
मुख्यमंत्री के निर्णय से जागी नई आशा
मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के इस संवेदनशील और शिक्षक हितैषी कदम ने प्रदेश के लाखों शिक्षकों, विशेषकर महिला शिक्षकों, में न्याय और सम्मान की नई आशा जागृत की है। उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ इस निर्णय को शिक्षकों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मानता है। यह कदम न केवल शिक्षकों के मनोबल को बढ़ाएगा, बल्कि उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सशक्त और समावेशी बनाएगा।
आभार और संकल्प
उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ, समस्त शिक्षक समुदाय की ओर से माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी, आदरणीय बेसिक शिक्षा मंत्री जी, और उत्तर प्रदेश सरकार के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करता है। संगठन यह संकल्प लेता है कि वह महिला शिक्षकों के अधिकारों और उनके हितों की रक्षा के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा, ताकि शिक्षा के क्षेत्र में समानता, सम्मान और प्रगति का एक नया युग स्थापित हो सके।












