विद्यालयों में बढ़ती असुरक्षा, दो दिनों में दो बड़ी घटनाएं

विद्यालयों में बढ़ती असुरक्षा, दो दिनों में दो बड़ी घटनाएं
हापुड़ – जिले में विद्यालयों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बीते दो दिनों में दो निजी विद्यालयों में हमले और उत्पात की घटनाएं सामने आई हैं।
पहली घटना में, एस. सी.एम. पब्लिक स्कूल के एक पूर्व छात्र ने परीक्षा परिणाम की मांग को लेकर प्रधानाचार्य पर डंडे से हमला कर दिया। प्रधानाचार्य ने मेज के नीचे छिपकर अपनी जान बचाई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमले के दौरान डंडा चलने और कारतूस मिसफ़ायर होने की आवाज भी सुनाई दी। पुलिस को तहरीर दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
दूसरी घटना विकास ग्लोबल स्कूल, बाबूगढ़ छावनी में हुई। यहाँ एक अभिभावक ने पिछले शैक्षणिक वर्ष की जून माह की वाहन शुल्क जमा करने से इंकार किया। प्रधानाचार्य द्वारा नियमों के पालन का आग्रह करने पर अभिभावक ने गाली-गलौज और अभद्रता की। जब उन्हें सुझाव दिया गया कि वे अन्य विद्यालय में बच्चे का प्रवेश ले सकते हैं, तो अभिभावक ने जिलाधिकारी कार्यालय में झूठी शिकायत कर दी और सोशल मीडिया व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में विद्यालय को “लूटमार केंद्र” बताकर बदनाम करने की कोशिश की। विद्यालय प्रशासन के अनुसार, पूरे सत्र के दौरान एक भी रुपया शुल्क जमा नहीं किया गया था।
इन घटनाओं से आक्रोशित होकर, आज एससीएम पब्लिक स्कूल प्रांगण में विभिन्न विद्यालय संघों के पदाधिकारी एकत्र हुए। स्कूल वेलफेयर ट्रस्ट के तत्वावधान में हुई बैठक में अध्यक्ष आनंद प्रकाश शर्मा, सचिव राम किशोर त्यागी, नितिन तोमर, विकास तेवतिया और वीरेंद्र अग्रवाल ने कहा-
“यदि प्रशासन ने विद्यालयों की सुरक्षा के लिए स्पष्ट नियमावली व ठोस कदम नहीं उठाए, तो संगठन बड़े पैमाने पर
विरोध-प्रदर्शन करेगा।”
प्रतीकात्मक विरोध के रूप में बाबूगढ़ छावनी के विद्यालय आज बंद रहे। संगठन ने 15 अगस्त के बाद अगली रणनीति तय करने का ऐलान किया, जिसमें जिला अधिकारी कार्यालय पर धरना और अन्य लोकतांत्रिक विरोध-प्रदर्शन शामिल हैं।
एसपी साहब से मिलने के बाद जिला अधिकारी महोदय से भी संगठन ने भेंट की और दोनों ही अधिकारों ने उचित कार्यवाही का भरोसा दिया ।
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