‘गौ हत्या बंद हो, गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित करें’ – हापुड़ में बोले शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

‘गौ हत्या बंद हो, गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित करें’ – हापुड़ में बोले शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद
दीप उत्सव बैंक्वेट हॉल में ‘गोरक्षार्थ धर्मयुद्ध’ कार्यक्रम में उमड़े हजारों गौ भक्त; शंकराचार्य बोले- गाय सिर्फ पशु नहीं, सनातन की धुरी है
हापुड़ (यथार्थ अग्रवाल मुन्ना/रिशु)। ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती सोमवार को ‘गोरक्षार्थ धर्मयुद्ध’ कार्यक्रम में शामिल होने हापुड़ पहुंचे। मेरठ रोड स्थित दीप उत्सव बैंक्वेट हॉल में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने गौ रक्षा को सनातन धर्म का मूल कर्तव्य बताते हुए सरकार से बड़ी मांगें रखीं।
मुख्य मांगें
1. गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध: शंकराचार्य ने कहा कि देश में तत्काल प्रभाव से गौ हत्या बंद होनी चाहिए। इसके लिए केंद्रीय कानून बने।
2. गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा: उन्होंने कहा कि गाय को राष्ट्रमाता घोषित कर संवैधानिक संरक्षण दिया जाए।
3. गौ मंत्रालय का गठन: केंद्र और सभी राज्यों में अलग से गौ मंत्रालय बने ताकि गौशालाओं की स्थिति सुधरे।
गाय अर्थव्यवस्था की रीढ़’
अपने संबोधन में शंकराचार्य ने कहा कि गाय केवल धार्मिक आस्था नहीं है। गोबर-गोमूत्र से बनी खाद और दवाइयां भारत की अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बना सकती हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि गौ सेवा को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। गौ तस्करी को उन्होंने ‘राष्ट्रद्रोह’ के बराबर बताया।
भव्य स्वागत, उमड़ी भीड़
शंकराचार्य के हापुड़ पहुंचने पर संत समाज और हजारों श्रद्धालुओं ने शंखनाद और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ स्वागत किया। कार्यक्रम में पश्चिमी यूपी के कई जिलों से गौ भक्त, धर्माचार्य और सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी पहुंचे।
प्रशासन को दिया अल्टीमेटम
शंकराचार्य ने कहा कि यदि सरकार गौ रक्षा के लिए ठोस कदम नहीं उठाती तो संत समाज देशव्यापी ‘धर्मयुद्ध’ शुरू करेगा। उन्होंने जिला प्रशासन से हापुड़ में अवैध बूचड़खानों और गौ तस्करी पर तुरंत रोक लगाने को कहा।
कार्यक्रम के अंत में शंकराचार्य ने 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास गोमाता में बताते हुए सभी को गौ सेवा का संकल्प दिलाया।











