घरेलू गैस सिलेंडर आवंटन में बड़ा घोटाला : 14 एजेंसियों पर छापा,रिकॉर्ड में 500 सिलेंडर,स्टॉक में मिले सिर्फ 14

हापुड़।
जिलाधिकारी के आदेश पर देर रात तक इंडेन कंपनी की 14 गैस एजेंसियों पर स्टॉक का भौतिक सत्यापन कराया गया। जांच में कंपनी द्वारा उपलब्ध कराए गए रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में बड़ा अंतर पाया गया, जिससे प्रशासन में हडक़ंप मच गया है। जांच के दौरान कई एजेंसियों के रिकॉर्ड में सैकड़ों सिलिंडर उपलब्ध दिखाए गए थे, लेकिन मौके पर स्टॉक बेहद कम मिला। एक एजेंसी पर जहां रिकॉर्ड में करीब 500 सिलिंडर उपलब्ध बताए गए थे,वहां केवल 14 सिलेंडर ही पाए गए। जिले में कंपनी की कुल 14 एजेंसियों पर जांच की गई,जिनमें से अधिकांश पर इसी तरह की अनियमितताएं सामने आईं।
जानकारी के अनुसार,13 एजेंसियां लगभग खाली पाई गईं,जबकि रिकॉर्ड में उनके पास कई गुना ज्यादा सिलिंडर दिखाए गए थे। वहीं एक एजेंसी पर स्थिति उलट मिली, जहां रिकॉर्ड में कम स्टॉक दर्शाया गया था लेकिन गोदाम सिलिंडरों से भरा हुआ मिला। यहां तक कि एक ट्रक सिलिंडरों से भरा खड़ा था, जिसे उतारने के लिए भी जगह नहीं बची थी।
जिले में रसोई गैस को लेकर उपभोक्ताओं के बीच भारी परेशानी देखी जा रही है। लोग घंटों लंबी लाइनों में खड़े रहने के बाद भी खाली सिलिंडर लेकर लौटने को मजबूर हैं। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्हें कई-कई सप्ताह तक सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है।
स्थिति यह है कि कई घरों में गैस खत्म हो चुकी है और छोटे कारोबारियों के काम भी ठप होने की कगार पर पहुंच गए हैं। दूसरी ओर अधिकारी अब तक जिले में पर्याप्त सिलिंडर उपलब्ध होने का दावा करते रहे हैं और इस मारामारी को अफवाहों का नतीजा बता रहे थे।
जांच में यह भी सामने आया है कि आयल कंपनियों की ओर से अधिकारियों को फर्जी रिपोर्ट भेजकर गुमराह किया जा रहा था। रिकॉर्ड में पर्याप्त स्टॉक दिखाकर यह जताया जा रहा था कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है।
सूत्रों का कहना है कि जिले के लिए आने वाले सिलिंडरों को कंपनियों और एजेंसियों की मिलीभगत से ब्लैक मार्केट में बेचा जा रहा था। यही कारण है कि उपभोक्ताओं को घरेलू गैस सिलिंडर डेढ़ हजार से लेकर तीन हजार रुपये तक में खरीदना पड़ रहा है।
यह पूरा मामला पिलखुवा क्षेत्र में चल रहे पुलिस प्रशिक्षण के दौरान सामने आया। प्रशिक्षण के लिए रामस्वरूप गैस एजेंसी से नियमित रूप से घरेलू सिलिंडर लिए जा रहे थे,लेकिन शनिवार और रविवार को एजेंसी ने सिलेंडर देने से मना कर दिया।
एजेंसी संचालक ने अधिकारियों को बताया कि उसके पास स्टॉक में सिलेंडर नहीं हैं। जब अधिकारियों ने कंपनी के रिकॉर्ड की जांच की तो एजेंसी पर 200 से अधिक सिलिंडर उपलब्ध दिखाए जा रहे थे। इस विसंगति की सूचना सीओ पिलखुवा और जिला पूर्ति अधिकारी ने तत्काल जिलाधिकारी को दी।
डीएम के निर्देश पर तुरंत टीम गठित कर सभी एजेंसियों का भौतिक सत्यापन कराया गया। जांच देर रात तक चली और इसमें बड़े स्तर पर गड़बड़ी सामने आई। जिले में इंडेन कंपनी की कुल 15 एजेंसियां हैं, जिनमें से 13 एजेंसियां लगभग ‘ड्राईÓ स्थिति में पाई गईं। वहीं शहर की प्रिया गैस एजेंसी पर भंडारण क्षमता से भी अधिक सिलिंडर मिले,जिससे यहां से कालाबाजारी होने की आशंका जताई जा रही है।











