भव्य एवं दिव्य श्रीराधा कृष्ण संध्या का हुआ आयोजन, भजनों पर झूमी महिला श्रद्धालु

हापुड़,।
हरे कृष्ण संकीर्तन मण्डल के तत्वावधान में फ्री गंज रोड स्थित जोका रेस्टोरेंट में भव्य एवं दिव्य संध्या का आयोजन किया गया। भक्ति, संगीत और आनंद के इस अद्भुत संगम ने वातावरण को पूर्णतः कृष्णमय बना दिया। जैसे ही भजनों की स्वर लहरियाँ गूंजीं, लोग भावविभोर होकर झूम उठे और पूरे परिसर में ‘हरे कृष्ण’ के उद्घोष गूंजने लगे।
मण्डल की अध्यक्षा डॉ. आराधना बाजपेई ने कहा कि “कृष्ण केवल एक पुराण पात्र नहीं, बल्कि सम्पूर्ण जीवन के प्राण हैं। उनका बालरूप हमें स्नेह और वात्सल्य सिखाता है, गीता का उपदेश कर्मपथ पर अग्रसर करता है और उनकी मुरली का मधुर संगीत आत्मा को मोक्ष की ओर ले जाता है।”
सचिव ने कहा कि “श्रीकृष्ण की लीलाओं का प्रत्येक अंश हमारे जीवन का मार्गदर्शन करता है। गोकुल की गलियों में गूंजती बांसुरी से लेकर कुरुक्षेत्र के रणक्षेत्र तक, कृष्ण का संदेश यही है कि जीवन का सार प्रेम, करुणा और धर्म की स्थापना है।”
कोषाध्यक्ष पूनम गुप्ता ने कहा कि “कृष्ण नाम स्वयं अमृत है। उनका स्मरण करते ही दुख-दर्द मिट जाते हैं और मन में शांति का संचार होता है। राधा-कृष्ण का दिव्य प्रेम समर्पण और भक्ति का सबसे पावन सूत्र है।”
विशिष्ट अतिथि डॉ. अनिल बाजपेई ने कहा कि “भगवान श्रीकृष्ण विश्व मानवता के सच्चे पथप्रदर्शक हैं। गीता का उपदेश हर युग में उतना ही प्रासंगिक है—मोह-माया से ऊपर उठकर निष्काम भाव से कर्तव्य पालन ही धर्म है। प्रकृति की हर ध्वनि, हर लहर और हर सुगंध में उनका दिव्य संदेश गूंजता है।”
संध्या का विशेष आकर्षण रहा रोहित और उनकी पार्टी का भक्ति नृत्य। कृष्ण स्वरूप भजनों पर प्रस्तुत उनके नृत्य ने ऐसा आभास कराया मानो वृन्दावन की गलियाँ जीवंत हो उठी हों। श्रद्धालु तालियों की गड़गड़ाहट और भक्ति रस में डूबकर झूम उठे।
इस अवसर पर सुनील कंसल, राकेश अग्रवाल, संतोष शर्मा, डॉ. प्रेमलता तिवारी, ममता अग्रवाल, शारदा शर्मा, प्रमिला अग्रवाल, उर्मिला शर्मा, अनीता गुप्ता, बीना अग्रवाल, दीपिका सिंहल, मंजू शर्मा, उषा अग्रवाल, आशा भटनागर, बीना वर्मा, डॉ. सुनीता शर्मा, मीनाक्षी शर्मा, निर्मल शर्मा, पूनम अधाना, विनीता चौधरी, नीलम अग्रवाल, मधु कंसल सहित अनेक श्रद्धालु मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान इन सभी श्रद्धालुओं ने भी भजन प्रस्तुत किए, जिनसे संध्या का भक्ति रस और गहरा हो गया तथा वातावरण दिव्य आलोक से भर गया।












