उपन्यास ‘हल्दीघाटी का कचरा और माइक्रोचिप’ का लोकार्पण, दीपशिखा फाउंडेशन ने दो वरिष्ठ साहित्यकार को किया सम्मानित

हापुड़।
साहित्य एवं सामाजिक सरोकारों के प्रति प्रतिबद्ध दीपशिखा फाउंडेशन द्वारा आयोजित साहित्यिक महापर्व साहित्यम् में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में डा.अजय गोयल के उपन्यास ‘हल्दीघाटी का कचरा और माइक्रोचिप’ का लोकार्पण किया गया।
वरिष्ठ व्यंग्यकार सुभाष चंदर, हंस पत्रिका के कार्यकारी संपादक विवेक, वरिष्ठ पत्रकार एवं कथाकार आलोक यात्री, अवधेश श्रीवास्तव तथा अन्य अतिथियों ने पुस्तक को पर्यावरण के संदर्भ में एक शोध रचना बताया।
इस अवसर पर दीपशिखा फाउंडेशन की ओर से डा. दीपशिखा गोयल, डा. अजय गोयल व अन्य ने समारोह में दो वरिष्ठ साहित्कोयकारों धर्मपाल अकेला और डा. अशोक मैत्रेय को उनके दीर्घकालीन साहित्यिक अवदान, सृजनात्मक उपलब्धियों तथा समाज के बौद्धिक उत्थान में किए गए उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया। प्रत्येक को सम्मान पत्र और पच्चीस हजार रुपए की अनुग्रह राशि भेंट की गई।
समारोह में संगठन की ओर से दोनों साहित्यकारों को अनुग्रह स्वरूप नकद राशि एवं सम्मान पत्र भेंट कर कृतज्ञता व्यक्त की गई। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि इन साहित्यकारों की रचनाएँ न केवल साहित्यिक दृष्टि से समृद्ध हैं, बल्कि सामाजिक चेतना, मानवीय मूल्यों और सांस्कृतिक परंपराओं को भी सुदृढ़ करती हैं। उनका रचनात्मक जीवन नई पीढ़ी के लेखकों के लिए प्रेरणास्रोत है।













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