नरकंकाल मामला: प्रेम में बाधा बने पति की पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर की थी चाकूओं से गोदकर निर्मम हत्या, धड़ से सिर काटकर जंगल में फेंका था

हापुड़।
थाना पिलखुवा क्षेत्र के जंगल में झाड़ियों में मंगलवार को सिरकटे एक नरकंकाल मामले में पुलिस ने उसकी शिनाख्त साहिबाबाद के योगेश के रूप में की थी। प्रारम्भिक जांच में प्रेम में बाधा बने योगैश की पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर की चाकूओं से गोदकर निर्मम हत्या की थी तथा पहचान छिपाने के लिए धड़ से सिर काटकर जंगल में फेंका था।
जानकारी के अनुसार पिलखुवा क्षेत्र में सरस्वती मेडिकल कॉलेज के पीछे खाली पड़े जंगल में एक नर कंकाल पड़ा था।
मृतक की पहचान गाजियाबाद के लिंक रोड थाना क्षेत्र के साहिबाबाद गांव निवासी योगेश के रूप में हुई।
योगेश मूल रूप से बिजनौर जिले का रहने वाला था और कई सालों से साहिबाबाद में रह रहा था। उसकी पत्नी पूजा का बुलंदशहर निवासी एक युवक से प्रेम प्रसंग चल रहा था। जांच में पता चला है कि योगेश को जब पत्नी के प्रेम संबंध का पता चला तो उसने विरोध करना शुरू कर दिया। इसी बात से तंग आकर पूजा ने अपने प्रेमी के साथ पति को मौत के घाट उतारने की साजिश रच डाली।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 24 सितंबर को पूजा ने अपने पति योगेश को फोन किया और कहा कि उसे हापुड़ के पिलखुवा इलाके में मिलना है। योगेश को शक नहीं हुआ और वह अपनी पत्नी के बुलावे पर चला गया। जब वह सरस्वती मेडिकल कॉलेज के पास पहुंचा, तो पूजा ने उसे जंगल की ओर बुलाया, जहां पहले से उसका प्रेमी छिपा बैठा था। जैसे ही योगेश जंगल में पहुंचा, दोनों ने मिलकर उस पर चाकू से हमला कर दिया। योगेश ने बचने की कोशिश की, लेकिन हमलावरों ने गले पर कई वार करके उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद दोनों ने शव को घसीटकर जंगल में गहराई तक फेंक दिया और पहचान मिटाने के लिए सिर काट दिया।
हत्या के बाद पूजा ने कानून को चकमा देने की योजना बनाई। 26 सितंबर को उसने गाजियाबाद के लिंक रोड थाने में अपने पति की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इतना ही नहीं, 29 सितंबर को वह गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर के कार्यालय पहुंची और पति की तलाश की गुहार भी लगाई। लेकिन पुलिस को पूजा के बयानों में कई विरोधाभास नज़र आए। इसी दौरान 7 अक्टूबर को स्थानीय लोगों ने सरस्वती मेडिकल कॉलेज के पास जंगल में सड़ांध मारते कंकाल को देखा और पुलिस को सूचना दी।
मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू की। घटनास्थल से कपड़ों के टुकड़े, खून के निशान लिए थे। डीएनए और कपड़ों के आधार पर कंकाल की पहचान योगेश के रूप में की गई। जांच में यह भी पता चला कि हत्या के बाद आरोपी महिला ने अपने पति का मोबाइल व पर्स गायब कर दिया ताकि कोई सुराग न मिले।
पिलखुवा पुलिस ने गाजियाबाद पुलिस के साथ संयुक्त रूप से जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने पूजा और उसके प्रेमी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू और अन्य साक्ष्य बरामद करने के प्रयास जारी हैं। एसपी हापुड़ कुंवर ज्ञानजय सिंह ने कहा कि प्रारंभिक जांच में यह पुष्टि हुई है कि मृतक की हत्या उसकी पत्नी और उसके प्रेमी ने मिलकर की थी। मामला बेहद संवेदनशील है, जल्द ही पूरी वारदात का पर्दा किया जाएगा।












