वीर हवलदार रामकुमार शर्मा का निधन सम्मान के साथ दी अंतिम विदाई

हापुड़ (हरेन्द्र शर्मा)।
थाना बाबूगढ़ क्षेत्र के कुचेसर रोड चौपले पर सेना के जवान वीर हवलदार राजकुमार शर्मा का निधन पूरे सम्मान के साथ दी अंतिम विदाई। हवलदार रामकुमार शर्मा ,जिन्होंने अपने पूरे जीवन को देश की सेवा और सुरक्षा के लिए समर्पित किया। सन् 1976 में सेवानिवृत्त हुए ये जाँबाज़ सिपाही तोपख़ाना विभाग के ऐसे अद्भुत योद्धा हैं, जिनका साहस और पराक्रम भारतीय सेना के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा।हवलदार रामकुमार शर्मा का जीवन अपने आप में एक प्रेरक कथा है। उन्होंने अपने सैन्य करियर की शुरुआत ऐसे समय में की जब भारत को अपनी सीमाओं और स्वाभिमान की रक्षा के लिए हर कदम पर संघर्ष करना पड़ रहा था। उनके नाम से जुड़े कई ऐतिहासिक युद्ध और अभियान हैं, जिनमें उनकी वीरता ने देश को गौरवान्वित किया।
सन् 1961 – भारत–पुर्तगाल युद्ध (गोवा मुक्ति अभियान):
हवलदार रामकुमार शर्मा उस समय सेना में सेवा दे रहे थे जब भारत ने पुर्तगाल के अधीनस्थ गोवा को मुक्त कराने का अभियान शुरू किया। इस युद्ध में उन्होंने अपने तोपख़ाना दल के साथ मोर्चे पर साहस और दृढ़ता का परिचय दिया। उनकी वीरता और तेज़ सोच ने अभियान को सफलता की ओर अग्रसर किया। इस विजय के परिणामस्वरूप गोवा स्वतंत्र भारत का हिस्सा बन गया।
सन् 1962 – भारत चीन युद्ध:
इसके बाद, वर्ष 1962 में भारत चीन युद्ध में हवलदार शर्मा ने अपनी सेवाएँ दीं। कठिन पर्वतीय इलाकों और कठोर मौसम के बीच उन्होंने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई। यद्यपि यह युद्ध भारत के लिए चुनौतीपूर्ण था, उनके और उनके साथियों के साहस ने भारतीय सेना की भावना को जीवित रखा।सन् 1965 भारत पाकिस्तान युद्ध हवलदार शर्मा ने वर्ष 1965 में भारत पाकिस्तान युद्ध में भी हिस्सा लिया। तोपख़ाना दल के रूप में उन्होंने मोर्चे पर अपनी विशेषज्ञता और निडरता का परिचय दिया। उनके अदम्य साहस और कुशल रणनीति ने सैनिकों का मनोबल बढ़ाया और युद्ध में भारत की विजय में योगदान दिया।सन् 1971 भारत पाकिस्तान युद्ध और बांग्लादेश का निर्माण सबसे महत्वपूर्ण उनका योगदान सन् 1971 के युद्ध में रहा। इस युद्ध में उन्होंने अपने तोपख़ाना दल के साथ अद्भुत साहस दिखाया, जिसके परिणामस्वरूप पाकिस्तान पर निर्णायक विजय प्राप्त हुई और बांग्लादेश एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में अस्तित्व में आया। इस ऐतिहासिक विजय में हवलदार शर्मा जैसे सैनिकों का योगदान अनमोल है।हवलदार रामकुमार शर्मा केवल युद्ध में ही नहीं, बल्कि अपनी सेवा, अनुशासन और देशभक्ति के लिए भी मिसाल बने। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य और साहस के साथ कार्य करने वाला व्यक्ति देश और समाज के लिए महान योगदान दे सकता है।आज हम उनके अदम्य साहस, अनुशासन और देशभक्ति को याद करते हुए उनका सम्मान कर रहे हैं। हवलदार रामकुमार शर्मा न केवल भारतीय सेना का गौरव हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा भी हैं। उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। उनकी अंतिम यात्रा में सेना के जवान सहित क्षेत्र के सम्मानित लोग उपस्थित रहे।












