विराट अभ्युदय हिंदू सम्मेलन आयोजित,हिंदू समाज को एकजुट होने की आवश्यकता – अश्विनी उपाध्याय

हापुड़ ।
रेलवे रोड पर एक विराट अभ्युदय हिंदू सम्मेलन का आयोजन बड़ी ही धूमधाम से किया गया। कार्यक्रम की सज्जा अद्भुत थी साथ ही विभिन्न विद्यार्थियों द्वारा किये गए सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने जनता का मन मोह लिया।
इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य वक्ता अश्विनी उपाध्याय (वरिष्ठ अधिवक्ता सुप्रीम कोर्ट) ने हिंदू एकता और संगठन की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने सभी हिंदू जातियों से एकजुट होने का आह्वान करते हुए कहा कि भारत की सांस्कृतिक जड़ें मजबूत हैं और सामाजिक समरसता से ही राष्ट्र सशक्त होगा। उपाध्याय ने शिक्षा, कानून व्यवस्था, नशा उन्मूलन और कर व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता बताई। उन्होंने भ्रष्टाचार, नशा तस्करी, मानव तस्करी और सामाजिक विभाजन जैसी समस्याओं पर कठोर कार्रवाई की मांग की।
मुख्य अतिथि श्री श्री संतोषी बाबा कहा कि यह सम्मेलन हिंदुओं के मन में परिवर्तन करने के लिए है कलयुग में संगठन की शक्ति श्रेष्ठ है। सनातन का मूल आधार है गौ सेवा। हमारी पूजा पाठ तीर्थ यात्रा आदि बिना गाय के सिद्ध नहीं हो शक्ति। यदि गाय प्रसन्न है तो सृष्टि भी प्रसन्न है। हमें संघ द्वारा बताए गए पंच परिवर्तन – परिवार प्रबोधन, पर्यावरण, नागरिक कर्त्तव्य, स्व: का बोध, नागरिक कर्त्तव्य पर भी कार्य करने की आवश्यकता है।
विशिष्ट अतिथि अरुण (प्रान्त संगठन मंत्री विश्व हिन्दू परिषद) ने संघ के 100 वर्ष के विषय में बताया कि भारतवर्ष उत्सवों का देश है जहां पर 365 दिन में 366 त्यौहार मनाए जातें हैं अन्य शहरों की भांति हापुड़ भी एक उत्सव नगरी है यहां होने वाले हिंदू सम्मेलन के मंच से बताया कि स्वदेशी पूज्यते राजा विद्वान सर्वत्र पूज्यते कोई भी हिंदू पतित नहीं होता शताब्दी वर्ष होने की बाद में 101 में पायदान पर खड़े होने के बाद में हम पिछली 100 वर्षों की यात्रा में शामिल विभिन्न प्रचारकों के जीवन पर प्रकाश डाला है इसके साथ हिंदू समाज को एकत्रित करने के लिए अनेक लोगों ने अपने जीवन के महत्वपूर्ण समय को राष्ट्रहित में न्योछावर कर दिया।
हिंदुओं को बांटने या उनकी संस्कृति पर प्रहार क्यों हुआ इस पर विचार करना हो होगा ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से 2047 तक भारतवर्ष को समृद्ध भारत बनाना है संघ के पंच परिवर्तन को अपनाकर कार्य करना चाहिए
मुख्य वक्ता एडवोकेट श्रीमान अश्विनी उपाध्याय जी ने सभी हिंदू जातियों को एकत्र होने तथा सभी भारतवासियों को को 100 प्रतिशत हिंदू ही बताया क्योंकि जो बदले थे वो भी अपने थे।
UGC एक्ट के विषय में भी प्रकाश डालते हुए बताया कि एक नोटिफिकेशन ने पिछले कई वर्षों से चल रहे हिंदू एकता के विचार को बदल दिया जिससे समाज में संशय की स्थिति बन गई हापुड़ को हरिपुर बनाने के बारे में चर्चा की, देश में समाज के अंदर नशा फैलने पर चिंता व्यक्त की जिसे विभिन्न विद्यालयों, कॉलेजों एवं अन्य माध्यमों से फैलाया जा रहा है कानून व्यवस्था के बारे में सरकार को चिंता करनी होगी क्योंकि ये सभी कानून अंग्रेजों के द्वारा बनाए गए थे और सरकारों के द्वारा लागू किए गए हैं इनमें बदलाव जरूरी है जो आज तक समाज को नष्ट कर रहें हैं अधिकांश कानून हिंदुओं पर अंकुश लगाने के समान हैं हिन्दू किसी भी पार्टी या विचारधारा हो वह हिन्दू है किसी भी दल से ऊपर उठकर हिन्दू होना ही प्राथमिकता है
पुराने जमाने में जब किसी भी प्रकार का टैक्स नहीं था तब भी भारत की जीडीपी अच्छी अवस्था में थी लेकिन आज भारत कर्जदार बन रहा है सभी भारतवासी किसी न किसी प्रकार से टैक्स के मकड़जाल में फंसे हैं।
एक पीआईएल के माध्यम से टैक्स प्रणाली को एक ही श्रेणी का बनाया जाए
भ्रष्टाचार, नशा तस्करी, मानव तस्करी, जातिवाद, क्षेत्रवाद, भाषावाद को बंद करना होगा सरकार को कठोरता से कार्य करना चाहिए भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना अत्यंत जरूरी है।
भारत में 25 लाख से ज्यादा अकाल मृत्यु होती हैं जिसमें प्रदूषण, ड्रग्स नशा शराब, जमीन जायदाद विवाद, सड़क दुर्घटना।
दुनिया में सर्वश्रेष्ठ शिक्षा हमारी, एक माह में न्याय एक दिन में न्याय , एक धंटे में न्याय की व्यवस्था हमारे देश में थी लचर कानूनी व्यवस्था के कारण न्याय पाना कठिन और लंबे समय तक फैसला न आना समाज को दंश दे रहा है
इस अवसर पर कार्यक्रम अध्यक्ष सरदार करम सिंह जी, जय कुमार, अरुण रामपाल जाटव डॉ विक्रांत बंसल तरुण बाटला, मयूर कंसल, ब्रजेश, दिनेश, मुकेश, सचिन गर्ग, डॉ विपिन गुप्ता, सुधीर अग्रवाल, कन्हैया मित्तल, शशि, राजीव, पंकज, गुलशन त्यागी, राजेंद्र सिंह, नितिन, वरुण, तरुण आदि उपस्थित रहे।












