श्रीमद्भागवत कथा…….. -गोवर्धन पूजा व छप्पन भोग का किया सुंदर वर्णन

हापुड़-
नगर के जवाहर गंज में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन कथा व्यास डा शैल बिहारी ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं,पूतना उद्धार,माखन चोरी और गोवर्धन पूजा का सुंदर वर्णन किया। भगवान श्रीकृष्ण और बलराम जी के नामकरण संस्कार के साथ छप्पन भोग का भव्य आयोजन किया गया।
शुक्रवार को कथावाचक डॉ शैल बिहारी ने कहा कि भगवान कृष्ण के जन्म लेने पर कंस उनकी मृत्यु के लिए राज्य की सबसे बलवान राक्षसी पूतना को भेजा था,जहां राक्षसी पूतना भेष बदलकर भगवान कृष्ण को अपने स्तन से जहरीला दूध पिलाने का प्रयास करती है, लेकिन भगवान उसका वध कर देते हैं। इसी प्रकार कार्तिक माह में ब्रजवासी भगवान इंद्र को प्रसन्न करने के लिए पूजन कार्यक्रम की तैयारी करते हैं, लेकिन भगवान कृष्ण उनको इंद्र की पूजा करने से मना कर देते हैं। गोवर्धन की पूजा करने के लिए कहते है। यह बात सुनकर भगवान इंद्र नाराज हो जाते हैं। गोकुल को बहाने के लिए भारी वर्षा करते हैं।इसे देखकर समस्त ब्रजवासी परेशान हो जाते हैं। भारी वर्षा को देखकर भगवान कृष्ण कनिष्ठ अंगुली पर गोवर्धन पर्वत को उठाकर सभी लोगों को उसके नीचे छिपा लेते हैं और भगवान द्वारा गोवर्धन पर्वत को उठाकर लोगों को बचाने से इंद्र का घमंड चकनाचूर हो गया। मथुरा को कंस के आतंक से बचाने के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने कंस का वध किया।
उन्होंने बताया कि जहां सत्य एवं भक्ति का समन्वय होता है, वहां भगवान का आगमन अवश्य होता है। गाय की सेवा एवं महत्व को समझाते हुए बताया कि प्रत्येक हिन्दू परिवार में गाय की सेवा अवश्य होनी चाहिए। क्योंकि गाय में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास होता है।
कथा व्यास ने बताया कि लीला और क्रिया में अंतर होती है। अभिमान तथा सुखी रहने की इच्छा प्रक्रिया कहलाती है। इसे ना तो कर्तव्य का अभिमान है और ना ही सुखी रहने की इच्छा,बल्कि दूसरों को सुखी रखने की इच्छा को लीला कहते हैं। भगवान श्रीकृष्ण ने यही लीला की, जिससे समस्त गोकुलवासी सुखी और संपन्न थे. उन्होंने कहा कि माखन चोरी करने का आशय मन की चोरी से है।कन्हैया ने भक्तों के मन की चोरी की। उन्होंने तमाम बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए उपस्थित श्रोताओं को वात्सल्य प्रेम में सराबोर कर दिया। अन्त में आरती के पश्चात सभी को छप्पन भोग का दिव्य प्रसाद वितरित कराया गया। कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में महिला-पुरूष पहुंचे।
इस मौके पर सरस्वती शिशु मंदिर के मैनेजर अनिल अग्रवाल,डॉ.राकेश अग्रवाल, विशाल अग्रवाल, मनोज कर्णवाल,विकास गोयल,डॉ सुमन अग्रवाल, यर्थाथ अग्रवाल,भावना अग्रवाल,चन्द्र प्रकाश ठठेरे,पूनम कर्णवाल,शान्तुन सिंघल,राहुल सिंघल,संजीव रस्तोगी, आयुष बिट्टू वर्मा आदि मौजूद थे।













I like this web blog very much so much great info .
Hi! Do you know if they make any plugins to help
with SEO? I’m trying to get my blog to rank for some targeted keywords but I’m not
seeing very good results. If you know of any please share.
Thanks!
I discovered your blog site on google and check a few of your early posts. Continue to keep up the very good operate. I just additional up your RSS feed to my MSN News Reader. Seeking forward to reading more from you later on!…