पीसीएस कोचिंग सेंटर में आठ छात्राओं के एडमिशन हुए रद्द, अवैध लोगों के रहने व जातिवाद उत्पीड़न का आरोप

हापुड़।
थाना पिलखुवा स्थित निजामपुर राजकीय आईएएस-पीसीएस कोचिंग सेंटर में आठ छात्राओं के दाखिले रद्द कर दिए गए हैं। इस फैसले का विरोध करते हुए छात्राओं ने मांग की है कि उन्हें आगामी 12 अक्टूबर को होने वाली पीसीएस परीक्षा तक परिसर में रहने की अनुमति दी जाए।
छात्रा शालिनी, भारती, निकिता, गीत, पूनम, रुक्मणी, गरिमा और प्रगति ने आरोप लगाया कि उनके दाखिले समाज कल्याण अधिकारी द्वारा कराए गए थे, लेकिन दो महीने पहले आईं केंद्र प्रभारी ने जातिवाद और बेवजह उत्पीड़न करते हुए उनके दाखिले रद्द कर दिए। छात्राओं का कहना है कि परिसर में कुछ अवैध लोग रह रहे हैं, जिससे उनकी परीक्षा की तैयारी बाधित हो रही है।
छात्राओं को 24 सितंबर को कमरा खाली करने का नोटिस जारी किया गया था, जो उन्हें 27 सितंबर को प्राप्त हुआ। नोटिस के अनुसार उन्हें तत्काल प्रभाव से कमरे खाली करने का आदेश दिया गया।
केंद्र प्रभारी सुनीता यादव ने बताया कि नोटिस 17 सितंबर को ही दे दिया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन के आदेशानुसार किसी भी छात्र को छात्रावास में रहने के लिए तीन अवसर दिए जाते हैं, जिसके बाद उसे वहां नहीं रखा जा सकता। सुनीता यादव ने जातिवाद और उत्पीड़न के आरोपों को सिरे से नकारते हुए कहा कि छात्रावास में रहने के लिए प्रशासन पर गलत आरोप लगाकर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
इस दौरान अनिल, मोहित, अजय, विनय, कनौजिया, भीम सिंह, लोकेश, सर्वेद्र, सुमित, दीपिका, उपासना, स्वाति, प्रगति और ऋची सहित कई लोग मौजूद रहे।












