बीमारी के इलाज का क्लेम ना देने पर फोरम का आदेश, बीमा कंपनी को देने होंगे मुआवजे सहित 1.63 लाख रुपए

हापुड़ ।
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक बीमा कंपनी को कोविड मरीज के इलाज का क्लेम देने का आदेश दिया है। आयोग ने कंपनी को 1,58,050 रुपए का क्लेम और 5,000 रुपए मानसिक क्षतिपूर्ति व वाद व्यय देने को कहा है।
अधिवक्ता विवेक गर्ग ने बताया कि मामला राधापुरी निवासी महीप कुमार गुप्ता का है। उन्होंने बीमा कंपनी से 15 लाख रुपये की मेडिक्लेम पॉलिसी ली थी। इस पॉलिसी में उनकी पत्नी मीना गुप्ता भी शामिल थीं।
पॉलिसी 20 जुलाई 2020 से 19 जुलाई 2021 तक वैध थी। मीना गुप्ता 16 सितंबर 2020 को कोविड-19 के कारण गाजियाबाद के अस्पताल में भर्ती हुईं। वे 25 सितंबर तक वहां भर्ती रहीं। इलाज में 2,09,999 रुपये खर्च हुए। सभी बिल और दस्तावेज बीमा कंपनी को दिए गए। कंपनी ने 25 मई 2021 को क्लेम खारिज कर दिया। कंपनी का कहना था कि मरीज को बीमा कराने से पहले ही यह बीमारी थी। सोमवार की देर शाम कोर्ट ने फैसला दिया।
आयोग के अध्यक्ष प्रवीण कुमार जैन और सदस्यों ने कंपनी को 45 दिन में क्लेम राशि देने का आदेश दिया है। समय सीमा में भुगतान न करने पर 6% वार्षिक ब्याज देना होगा। कंपनी को मानसिक क्षतिपूर्ति और वाद व्यय के 5,000 रुपए अलग से देने होंगे।












